फैक्ट चेक: राहुल गांधी ने नहीं किया हिंदी का विरोध, वायरल वीडियो अधूरा है

सोशल मीडिया पर राहुल गांधी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि उन्होंने हिंदुस्तान में हिंदी भाषा का विरोध किया है. ये दावा झूठा है. इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि राहुल गांधी के भाषण को काट कर उसके एक हिस्से को ही शेयर किया जा रहा है. पूरे भाषण में उन्होंने हिंदी पढ़ाए जाने का विरोध नहीं किया था.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण में हिंदी भाषा पर सवाल उठाया है. जबकि पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देकर उसका मान बढ़ाया था.
सच्चाई
राहुल गांधी का बयान उनके भाषण का एक छोटा सा हिस्सा है. पूरे भाषण में उन्होंने कहा था कि देश के बाहर कामयाबी हासिल करने के लिए हिंदी के साथ अंग्रेजी सीखना भी जरूरी है.

सुमित कुमार दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 20 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 3:03 PM IST

कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ 21 दिसंबर को राजस्थान के अलवर से हरियाणा पहुंचेगी. इस बीच, राहुल गांधी के बयान का एक . कहा जा रहा है कि उन्होंने हिंदी भाषा पर सवाल उठाया है. ऐसा कहने वाले लोग उनके भाषण की एक क्लिप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के साथ शेयर कर रहे हैं.   

इस वीडियो के मुताबिक, जहां राहुल गांधी ने 'हिंदुस्तान में हिंदी भाषा पर सवाल उठाया'. वहीं पीएम मोदी ने 'UN में हिंदी बोलकर देश का सम्मान बढ़ाया'.  

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इस क्लिप में राहुल गांधी कहते हैं, 'अगर आप बाकी दुनिया से बात करना चाहते हो, चाहे वो अमेरिका के लोग हों, जापान के लोग हों, इंग्लैंड के लोग हों, तो वहां हिंदी काम नहीं आ पाएगी.'

वहीं पीएम मोदी अपने भाषण की क्लिप में कहते हैं, 'हमारी विविधता, हमारे सशक्त लोकतंत्र की पहचान है. एक ऐसा देश जिसमें दर्जनों भाषाएं हैं, सैकड़ों बोलियां हैं, अलग-अलग रहन-सहन, खानपान हैं. ये vibrant democracy का बेहतरीन उदाहरण है. ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है कि एक छोटा बच्चा जो कभी एक रेलवे स्टेशन के टी-स्टॉल पर अपने पिता की मदद करता था, वो आज चौथी बार भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर UNGA को संबोधित कर रहा है.'

 

एक  ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, 'फर्क साफ है एक तरफ राहुल गांधी हिंदुस्तान में हिंदी भाषा पर सवाल उठा रहे हैं. दूसरी तरफ पीएम नरेंद्र मोदी UN में हिंदी बोलकर देश का सम्मान बढ़ाते हैं.' 

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इंडिया टुडे फैक्ट चेक ने पाया कि राहुल गांधी के भाषण को काट कर उसके एक हिस्से को ही शेयर किया जा रहा है. पूरे भाषण में उन्होंने हिंदी पढ़ाए जाने का विरोध नहीं किया था. वह ये बता रहे थे कि अंग्रेजी जाने बगैर आप दूसरे देशों के लोगों से बात नहीं कर सकते और देश के बाहर कामयाबी हासिल करने के लिए के लिए अंग्रेजी का ज्ञान ही आपके काम आएगा. 

कैसे पता लगाई सच्चाई?  

कीवर्ड सर्च के जरिए हमें पता चला कि राहुल गांधी की जिस क्लिप को वायरल वीडियो में इस्तेमाल किया गया है. वह भाषण उन्होंने 19 दिसंबर को राजस्थान के अलवर में दिया था. हमें पर उनका ये पूरा भाषण भी मिल गया.  

इस भाषण में वो जिक्र कर रहे हैं कि किस तरह बीजेपी के नेता एक तरफ तो अंग्रेजी भाषा का विरोध करते हैं लेकिन दूसरी तरफ अपने बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाते हैं. राहुल गांधी कहते हैं, 'बीजेपी के नेता हैं, जहां भी जाते हैं, अंग्रेजी के खिलाफ बात करते हैं. स्कूलों में अंग्रेजी नहीं होनी चाहिए. बंगाली होनी चाहिए, हिंदी होनी चाहिए, मगर अंग्रेजी नहीं होनी चाहिए. कभी आप एक काम कीजिए. ये जो नेता कहते हैं, अंग्रेजी नहीं होनी चाहिए, उनके पास जाइए, उनसे पूछिए कि भइया, आप यह बात तो अच्छी कर रहे हो, मगर आपका बेटा कौन से स्कूल में जाता है? क्या इंग्लिश मीडियम में जाता है, हां या न? हां. इनके सारे के सारे बच्चे, अमित शाह जी से लेकर इनके सब चीफ मिनिस्टर्स के बच्चे, सब सांसदों के बच्चे, सब विधायकों के बच्चे, सारे के सारे इंग्लिश मीडियम स्कूलों में जाते हैं और भाषण देते हैं कि भइया, अंग्रेजी किसी को नहीं बोलनी चाहिए. ये नहीं चाहते हैं कि हिंदुस्तान का गरीब, किसान का बेटा, मजदूर का बेटा, अंग्रेजी सीखे.

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वह आगे कहते हैं, 'मैं ये नहीं कह रहा हूं कि हिंदी नहीं पढ़नी चाहिए, जरूर पढ़नी चाहिए. तमिल पढ़नी चाहिए, हिंदी पढ़नी चाहिए, मराठी पढ़नी चाहिए, हिंदुस्तान की सब भाषाएं पढ़नी चाहिए, मगर अगर आप बाकी दुनिया से बात करना चाहते हो, चाहे वह अमेरिका के लोग हों, जापान के लोग हों, इंग्लैंड के लोग हों, तो वहां हिंदी काम नहीं आ पाएगी. वहां अंग्रेजी ही काम आएगी और हम चाहते हैं कि हिंदुस्तान के गरीब से गरीब किसान का बेटा, एक दिन जाकर अमेरिका के युवाओं से कॉम्पटीशन करे और उनको उन्हीं की भाषा में हराए.'

दरअसल राहुल इस भाषण में राजस्थान सरकार के इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू करने के फैसले की तारीफ करते हुए ये बात कह रहे थे.  

वहीं दूसरी तरफ वायरल वीडियो में  की क्लिप, संयुक्त राष्ट्र संघ  में दिए गए उनके भाषण का हिस्सा है. मोदी ने ये भाषण 25 सितंबर, 2021 न्यूयॉर्क में  जनरल असेंबली की मीटिंग के दौरान हिंदी में दिया था.  

बात साफ है कि राहुल गांधी के भाषण से एक हिस्से को  इस भ्रामक तरीके से निकाला गया है कि वो हिंदी का विरोध करते हुए दिखें. 

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