फैक्ट चेक: मॉब अटैक में जख्मी पूर्व विधायक की तस्वीर के साथ ‘लव-जिहाद’ का दावा

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा गलत है. तस्वीर में दिख रही महिला असम में कांग्रेस की पूर्व विधायक रूमी नाथ हैं. जिस फोटो के साथ ये दावा किया जा रहा है, वह 2012 की है जब रूमी नाथ पर भीड़ ने हमला किया था. इस तस्वीर का घरेलू हिंसा से कोई संबंध नहीं है.

Advertisement

आजतक फैक्ट चेक

दावा
चेहरे पर चोट के निशान लिए एक महिला की तस्वीर, ​जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि इस हिंदू महिला ने मुस्लिम से शादी की और अब घरेलू हिंसा का शिकार है.
सच्चाई
वायरल तस्वीर असम में कांग्रेस की पूर्व विधायक रूमी नाथ की है, जब वे 2012 में भीड़ के एक हमले में घायल हो गई थीं.

धीष्मा पुज़क्कल

  • नई दिल्ली,
  • 04 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 9:54 PM IST

सोशल मीडिया पर एक महिला की फोटो वायरल हो रही है, जिसके चेहरे पर चोट के निशान हैं. फोटो के साथ दावा किया जा रहा है कि ये हिंदू महिला धर्म परिवर्तन करके मुस्लिम बन गई थी और अब उसका मुस्लिम पति उसके साथ मारपीट करता है. 

फेसबुक पर कई लोगों ने ये तस्वीर शेयर की है, जिसके साथ लिखा गया है, “असम की ये मैडम जी अपने पति और छोटी सी बेटी को छोड़कर एक जिहादी जाकिर हुसैन के साथ निकाह कर रुबिया बन गईं थीं! अब हुसैन इनके हूर जैसे खूबसूरत थोबड़े पर लाजवाब पेंटिंग बना रहा है।”

Advertisement

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल तस्वीर के साथ किया जा रहा दावा गलत है. तस्वीर में दिख रही महिला असम में कांग्रेस की पूर्व विधायक रूमी नाथ हैं. जिस फोटो के साथ ये दावा किया जा रहा है, वह 2012 की है जब रूमी नाथ पर भीड़ ने हमला किया था. इस तस्वीर का घरेलू हिंसा से कोई संबंध नहीं है. 

वायरल पोस्ट के आर्काइव वर्जन यहां, यहां  और यहां देखे जा सकते हैं. 

हमारी पड़ताल

रूमी नाथ असम के बोरखोला विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुकी हैं. वायरल तस्वीर में वे अपने दूसरे पति जैकी जाकिर (Jakie Zakir) के साथ दिख रही हैं.

रिवर्स इमेज सर्च की मदद से हमने हमें 2012 की कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं, जिनमें जख्मी हालत में रूमी नाथ की तस्वीरें मौजूद हैं.

Advertisement

5 जुलाई, 2012 को छपी ‘इंडिया टुडे’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना 29 जुलाई, 2012 की है. असम में करीमगंज जिले के एक होटल में रूमी और उनके पति जाकिर ठहरे हुए थे. इसी दौरान करीब 100 लोगों की भीड़ होटल में जबरन घुस गई और उन दोनों की पिटाई की थी. रिपोर्ट के मुताबिक, दंपति पर हमला करने के लिए पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था.

‘इंडिया टुडे’ को दिए एक वीडियो इंटरव्यू में रूमी ने खुद भी साफ किया था कि उन पर हुआ हमला सांप्रदायिक नहीं था, बल्कि वह एक “राजनीतिक षडयंत्र” था.  

वायरल पोस्ट में इस्तेमाल की गई रूमी की फोटो भी इसी इंटरव्यू से ली गई है.

2012 की कुछ खबरों में ये भी बताया गया है कि रूमी नाथ पर हमले के बाद दक्षिण असम की बराक घाटी में कैसे हिंसक विरोध प्रदर्शन और बंद हुआ था.

इसी घटना पर प्रकाशित ‘एनडीटीवी’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले के करीब एक महीना पहले रूमी ने जाकिर से शादी की थी, जो कि मुस्लिम हैं. साथ ही रूमी ने धर्म परिवर्तन भी किया था. उन्होंने कथित तौर पर अपने पहले पति को तलाक नहीं दिया था. रूमी का पहला पति हिंदू था, जिससे उनकी दो साल की बच्ची भी थी. इस वजह से जनता के बीच आक्रोश फैल गया.

Advertisement

रूमी नाथ पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर हैं जो पहली बार 2006 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीती थीं. बाद में उन्होंने कांग्रेस ज्वाइन कर ली थी और 2011 में फिर से चुनाव जीत गई थीं.  

ये सच है कि रूमी नाथ ने जाकिर से शादी करने के लिए  धर्म परिवर्तन करके इस्लाम कबूल किया था. लेकिन ये साफ है कि वायरल तस्वीर 2012 की है जब भीड़ ने रूमी नाथ पर हमला किया था. ये मामला मुस्लिम पति द्वारा घरेलू हिंसा का नहीं था.
 

क्या आपको लगता है कोई मैसैज झूठा ?
सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement