Agenda AajTak 2024: एजेंडा आजतक 2024 के पहले दिन यानी शुक्रवार को सेशन- 'मुफ्त का चंदन, घिस मेरे नंदन' में सियासी नेताओं के बीच अहम चर्चा हुई. इस दौरान सियासी पार्टियों के द्वारा दी जाने वाली फ्रीबीज पर बात हुई. इस मौके पर बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच गरमा-गरम चर्चा हुई. 'रेवड़ियों पर लकीर' के सवाल पर बीजेपी नेता गौरव वल्लभ ने कहा, "कोई भी इकोनॉमी में फ्रीबीज अगर आप डेडिकेटेड इश्यू और प्रॉपर एलोकेशन के साथ देते हैं, तो वो खराब नहीं है. लेकिन ऐसा नहीं हो जिस तरह से झारखंड में हो रहा है कि वृद्ध स्कीम बंद करके मैया योजना को पैसा दिया जा रहा है."
उन्होंने आगे कहा कि गलत ये है कि आप ऐलान कर देते हो लेकिन देते नहीं हो. हिमाचल में ऐलान हुआ, अब तक कितनों को मिला? हालात ये हैं कि 31 साल में दिल्ली में पहली बार रेवेन्यू डेफिसिट हुआ है. उधर जितनी पंजाब की जीडीपी है, उसका पचास पर्सेंट उधारी है और ये इंडिया में सबस ज्यादा है.
गौरव ने कहा कि हिमाचल में सरकार के पास अपने एंप्लॉई को सैलरी देने का पैसा नहीं है. पेंशनर्स को पैसा नहीं मिल रहा है. तेलंगाना में अक्टूबर में शिक्षकों को अप्वॉइंट किया गया लेकिन अभी तक सैलरी नहीं मिली. खटाखट नॉमिनी इज नॉट गुड फॉर इकोनॉमी. ये खटाखट शास्त्र इकोनॉमी के लिए अच्छा नहीं है.
'मंगलसूत्र की बात करते थे...'
बीजेपी नेता की बात जवाब देते हुए कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने रेवड़ी कल्चर पर कहा, "मैं उत्तर प्रदेश आती हूं, हमारें यहां कहा जाता है कि कृष्ण करें तो लीला और हम करें तो पाप."
उन्होंने आगे कहा कि मुफ्त सिलेंडर दिए जाते हैं. आप खटाखट नहीं, कछुआ गति से चलिए लेकिन दो करोड़ रोजगार दे दीजिए. कर्जा खत्म कर दीजिए. इस देश का जो बेट था वो 55 लाख करोड़ था, जिस दिन मोदी जी प्रधानमंत्री बने थे. मेरे मानना है कि रेवड़ी बीजेपी का शब्द है और जो आप अपने पूंजीपति मित्रों को रबड़ी चटा रहे हैं, उसका क्या?
सुप्रिया ने कहा कि कॉर्पोरेट टैक्स काटते हैं लेकिन कॉर्पोरेट नौकरी देते हैं. आज हिंदुस्तान की सेविंग आधी हो चुकी है. साढे़ ग्यारह लाख से साढ़े छः लाख हो गया है. महिलाएं मंगलसूत्र गिरवी रखकर घर चला रही हैं. मंगलसूत्र की बात करते थे लेकिन अब मंगलसूत्र गिरवी रखवाया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल में केंद्र सरकार की तरफ एजेंसी गई और नौ हजार दो सौ करोड़ डिजास्टर बताया. जीएसटी का हजारों करोड़ क्यों बकाया है? हम 2027 में हिमाचल को पूरी तरह से आत्मनिर्भर करेंगे.
सुप्रिया ने कहा कि जब तक लोगों के हाथ में पैसा नहीं जाएगा, तब तक कुछ नहीं होगा. देश के संसाधनों पर गरीब लोगों का हक है और उन्हें मिलना चाहिए.
'200 यूनिट फ्री बिजली...'
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, "दस साल पहले जब पहली बार सरकार बनी तो, हमने 200 यूनिट बिजली फ्री दी, 20 हजार लीटर पानी मुफ्त दिया. 10 साल से अब तक बीजेपी इसके खिलाफ खड़ी रही. मतदाताओं को लगातार गुमराह किया और हमसे सवाल पूछे जाते रहे."
उन्होंने आगे कहा कि मुफ्त की रेवड़ी कह कर जो गरीब का मजाक उड़ाया वो पीएम और बीजेपी नेताओं ने उड़ाया. आज दस साल बाद हम इनके रास्तों पर नहीं, ये हमारे रास्तों पर हैं. क्या कारण है कि अब लोगों को फ्रीबीज देनी पड़ रही है. पिछले दस सालों में देश के अंदर जो चंद अमीर थे और ज्यादा अमीर होते जा रहे हैं और गरीब ज्यादा गरीब होते जा रहे हैं.
AAP नेता ने आगे कहा कि उद्योगपतियों का लोन माफ कर दिया जाता है, कोई कुछ नहीं बोलता है. गरीब को अगर कुछ हजार करोड़ की सब्सिडी दे दी जाती है, तो उसकी चर्चा होती है. आज हम दिल्ली में रोज रेवड़ी पर चर्चा कर रहे हैं और लोग उसको सुनने के लिए आ रहे हैं. बीजेपी की हिम्मत नहीं है कि वो ये कह दें कि वो रेवड़ी चालू रखेंगे या देंगे.
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