'काश पाकिस्तान में जन्म हुआ होता', सोनू निगम ने क्यों कहा ऐसा

सोनू निगम ने एजेंडा आज तक में पाकिस्तानी गायकों को भारत में गाने के लिए भारतीय गायकों से ज्यादा फायदा होने को लेकर खुलासा किया.

सोनू निगम
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 17 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 10:23 AM IST

एजेंडा आज तक कार्यक्रम में सोनू निगम ने बड़ा खुलासा किया. सोनू ने बताया कि पाकिस्तानी गायकों को भारत में काम करने के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं देनी पड़ती जबकि म्यूजिक कंपनियां भारतीय गायकों से पैसे ऐंठती हैं. सोनू ने खुलासा किया कि भारतीय गायकों को गाने के लिए म्यूजिक कंपनियों को पैसे देने पड़ते हैं तभी उन्हें गाने की अनुमति मिलती है और उन्हें प्रमोट किया जाता है.

सिंगर ने कहा, "कभी-कभी लगता है कि यदि हम पाकिस्तान से होते तो अच्छा होता क्योंकि हमें भारत में काम मिल रहा होता. अब ऐसा हो गया है कि सिंगर्स को म्यूजिक कंपनियों को पैसे देने पड़ते हैं अपने शोज के लिए. यदि आप उन्हें पैसे नहीं देते हैं तो वे आपका गाना बजाएंगे ही नहीं. वो गाना आपको दिलवाएंगे ही नहीं."

सोनू ने बताया कि म्यूजिक कंपनियां अपने सिंगर्स को गाना दिलवाती हैं और फिर उस सिंगर को बड़ा करती हैं ताकि बाद में उससे पैसे लिए जा सकें. उन्होंने बताया कि कंपनियां पाकिस्तानी सिंगर्स के साथ ऐसा नहीं करती हैं. ये अच्छी बात है कि वो उनके साथ ऐसा नहीं करते, लेकिन यदि ऐसा ही है तो आप भारतीय गायकों के साथ भी ऐसा क्यों कर रहे हो?

सोनू ने उदाहरण देते हुए कहा कि आतिफ असलम मेरा अच्छा दोस्त है. आप उसको नहीं बोलते कि शोज के लिए मुझे पैसे दो. राहत को नहीं बोला जाता कि आओ हमारे यहां गाना गाओ और पैसे देना हमको. ये धंधा ही उल्टा हो गया है. आप पूछ लेना इंडस्ट्री में कि जो मैं कह रहा हूं उसमें कितना सच है. यही कारण है कि नए गाने आ ही नहीं रहे हैं, और रीमिक्स पर रीमिक्स आए जा रहे हैं.

सोनू ने कहा कि पहले जहां निर्देशक, निर्माता, गायक संगीत बनाते थे. आज कल म्यूजिक कंपनियां म्यूजिक बना रही हैं. लेकिन ऐसे में गाना नहीं बनेगा. याद करने वाले गाने नहीं बनेंगे. गाना अच्छा बनता है तो बीस पच्चीस साल चलता है."

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