सरकारें बदलती रहती हैं, पर महिलाओं के हालात नहीं: रवीना टंडन

भारत के नंबर वन न्यूज चैनल 'आजतक' के महामंच 'एजेंडा आजतक' के छठें संस्करण में दूसरे दिन 'देश का सिनेमा कैसा हो' सेशन में बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन ने न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री के बारे में बात की बल्क‍ि देश में महिलाओ की स्थिति पर भी अपने विचार रखे.

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रवीना टंडन रवीना टंडन

वन्‍दना यादव

  • नई दिल्ली,
  • 02 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 10:48 PM IST

भारत के नंबर वन न्यूज चैनल 'आजतक' के महामंच 'एजेंडा आजतक' के छठें संस्करण में दूसरे दिन 'देश का सिनेमा कैसा हो' सेशन में बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन ने न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री के बारे में बात की बल्क‍ि देश में महिलाओ की स्थिति पर भी अपने विचार रखे.

सरकारें महिलाओं की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं करतीं

रवीना का मानना है कि देश में महिलाओं की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. हालांकि सरकारें बदलती रहती हैं. उन्होंने कहा, 'महिलाओं पर हो रहे क्राइम कम होने की जगह बढ़ते जा रहे हैं. लोगों के बीच डर नहीं है. महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले क्राइम के खिलाफ सख्त कानून बनने चाहिए.'

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रवीना ने निर्भया मामले का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा, निर्भया को लेकर जो फंड बना वो खर्च ही नहीं हो पाया. इससे पता चलता है कि महिला सुरक्षा और महिलाओं को लेकर योजनाओं के प्रति हम कितने चिंतिंत हैं.

रेप पर बने कठोर कानून

रेप के क्राइम को रवीना ने कत्ल के जितना ही बड़ा गुनाह बताया है. रेप एक इंसान के लिए जिंदा मौत है क्योंकि इसमें एक पर्सन की आत्मा की हत्या कर दी जाती है. इतने बड़े गुनाह के लिए कोई भी कठोर कदम क्यों नहीं उठाए जाते हैं. इस दौरान रवीना ने अपनी फिल्म का भी जिक्र किया.

जौहर औरतों की मजबूरी थी खुद की इज्जत बचाने के लिए

पद्मावती पर बोलते हुए रवीना ने कहा कि जौहर को फिल्म में महिमा मंडित नहीं किया गया है. इसे उसी तरह से दिखाया गया है जैसा कि उस दौरान में महिलाएं करती थीं खुद की इज्जत बचाने के लिए, गैंगरेप्ड होने से बचने के लिए या फिर यूं कहें कि खुद को जिंदगी भर मर-मरके जीने से बचाने के लिए.

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