एक्ट्रेस ने एक्सीडेंट में गंवाई टांग, पेरेंट्स ने दिया साथ, बोलीं- बेटी चाहिए थी

सुधा चंद्रन, 1981 में एक सड़क दुर्घटना में अपना दाहिना पैर खो बैठी थीं. शुरू में एक स्थानीय नगरपालिका अस्पताल में उनका इलाज कराया गया, जहां सही से देखभाल ना होने के कारण घाव और बिगड़ गया और गैंग्रीन हो गया. बाद में उनकी जान बचाने के लिए घुटने के नीचे से पैर काटने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था.

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सुधा चंद्रन ने एक्सीडेंट के बाद झेला दर्द (Photo: Screengrab) सुधा चंद्रन ने एक्सीडेंट के बाद झेला दर्द (Photo: Screengrab)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 30 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:10 AM IST

सुधा चंद्रन भारतीय टेलीविजन की सबसे प्रेरणादायक हस्तियों में से एक हैं. सालों से सुधा अपने डांस और एक्टिंग टैलेंट से दर्शकों का मनोरंजन कर रही हैं. वो भरतनाट्यम की प्रशिक्षित नृत्यांगना हैं. उन्होंने पूरे देश में परफॉर्म किया हुआ है. मगर एक्ट्रेस की जिंदगी की शुरुआत में एक विनाशकारी मोड़ आ गया था.

सुधा 1981 में एक सड़क दुर्घटना में अपना दाहिना पैर खो बैठी थीं. शुरू में एक स्थानीय नगरपालिका अस्पताल में उनका इलाज कराया गया, जहां अपर्याप्त देखभाल के कारण घाव और बिगड़ गया और गैंग्रीन हो गया. जब उन्हें मद्रास के एक बेहतर अस्पताल में शिफ्ट किया गया, तब तक संक्रमण इतना फैल चुका था कि डॉक्टरों के पास उनकी जान बचाने के लिए घुटने के नीचे से पैर काटने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था.

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सुधा ने गंवाया पैर

उन्होंने लहरें के साथ एक चैट में याद करते हुए कहा, 'ये एक बस एक्सीडेंट था और एक्सीडेंट की वजह से और डॉक्टर्स की लापरवाही की वजह से हमें एक म्यूनिसिपल अस्पताल में एडमिट किया गया. वहां मेडिकल ट्रीटमेंट की कमी की वजह से मेरा पैर घुटने से तीन इंच नीचे काटना पड़ा था.'

उन्होंने आगे कहा, 'जब मैं ट्रीटमेंट के लिए मद्रास आई तो उन्होंने बहुत कोशिश की कि कुछ कर सकें क्योंकि बेसिकली मैं एक डांसर थी. एक्सीडेंट से पहले भी मैं 75 शो पूरे भारत में कर चुकी थी. तो उन्होंने बहुत कोशिश की कि इस पैर को बचाया जा सके, लेकिन ये पैर या जान का मामला था तो ऑटोमैटिकली जान बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है और मैं एक नाबालिग थी. मेरे माता-पिता ने कंसेंट दे दिया कि ठीक है, हम लड़की को पैर के बिना रखना पसंद करेंगे, तो मुझे ये फैसला स्वीकार करना पड़ा.'

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इसके बाद जो हुआ, उसने सुधा की कहानी को किंवदंती बना दिया. प्रोस्थेटिक लेग के साथ उन्होंने डांस दोबारा सीखा और मंच पर वापसी की. उनकी जिंदगी ने फिल्म 'मयूरी' को प्रेरित किया, जिसमें उन्होंने खुद अपना रोल निभाया. बाद में वे टेलीविजन पर 'कहीं किसी रोज' और 'नागिन' जैसे सीरियलों से घर-घर में पहचानी जाने लगीं.

इसी बीच कुछ समय पहले सुधा चंद्रन सुर्खियों में आईं. 4 जनवरी को 60 साल की एक्ट्रेस का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वे एक धार्मिक सभा में होश खोए नजर आ रही थीं. इस वीडियो ने फैंस को चिंतित कर दिया और सोशल मीडिया पर चर्चा छिड़ गई. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जूम के साथ एक चैट में सुधा ने कहा, 'मैं यहां किसी को जवाब देने नहीं आई हूं. जीवन के प्रति मेरी अपनी सोच है. मेरे कुछ कनेक्शन्स हैं जिनका मैं सम्मान करती हूं. मुझे लोगों से कोई लेना-देना नहीं है. जो लोग ट्रोल करते हैं, अच्छी बात है, अपनी जिंदगी में खुश रहें.'

प्रोजेक्ट्स की बात करें तो सुधा चंद्रन को पिछली बार टीवी शो 'नोयोनतारा' में देखा गया था. इसके अलावा वो कुछ तमिल सीरियल में भी दिखी हैं.

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