ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत पर हंगामा मचा हुआ है. रेस्क्यू में देरी, प्रशासनिक लापरवाही और पिता के आरोपों के बीच पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी मामले को संगीन बना दिया है. अब इस मामले पर एक्टर अभिनव शुक्ला ने भी अपना गुस्सा जाहिर किया है.
भड़का अभिनव का गुस्सा
अभिनव शुक्ला ने ग्रेटर नोएडा में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत को लेकर बचाव अभियान की कड़ी आलोचना की है. उनका कहना है कि घना कोहरा और इमरजेंसी टीमों की देरी की वजह से ट्रेन्ड रेस्क्यू टीम पानी से भरे कंस्ट्रक्शन गड्ढे में नहीं उतर पाए और युवराज की मदद नहीं कर सके, जबकि वह मदद के लिए लगातार पुकार रहा था.
एक वीडियो शेयर कर अभिनव शुक्ला ने पुलिस, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और बाकी संबंधित विभागों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों की लापरवाही की वजह से एक युवा की जान चली गई. अभिनव ने मांग की कि जो लोग इस मामले में जिम्मेदार हैं, वो तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें.
अभिनव ने कहा कि- युवराज ने मदद के लिए कई कॉल किए, फायर डिपार्टमेंट, NDRF सब पहुंचे, क्रेन्स आईं, रस्सियां आईं लेकिन उनमें से कोई पानी में नहीं गया उसे बचाने के लिए. वो दो घंटे पानी में अपनी गाड़ी के ऊपर खड़ा रहा और बोलता रहा कि मुझे बचा लो. मुझे बचा लो. वो सभी डिपार्टमेंट्स जो वहां मौजूद थे, जिनका काम ही लोगों को बचाना है, वो वहां खड़े रहे. असली कोशिश एक फ्लिपकार्ट के डिलीवरी वाले ने की, खुद को रस्सी से बांधकर उसे ट्राय किया. लेकन 2 घंटे तक ये सारा ड्रामा चलता रहा, लेकिन वो लोग जो इसी काम के लिए हैं, उनमें से कोई उस बच्चे को बचा नहीं पाया.
इस्तीफा दें ऑफिसर्स
मुझे लगता है उन सभी डिपार्टमेंट के लोगों को तुरंत रिजाइन कर देना चाहिए. जितने लोग भी उस साइट पर गए और उसे बचा नहीं पाए. उन सभी को इस्तीफा दे देना चाहिए. सरकार को भी सोचना चाहिए कि जिन विभागों पर वो इतना खर्चा कर रहे हैं, आम जनता का पैसा बर्बाद जा रहा है उस पर संज्ञान ले. तुरंत एक्शन लें. ये बड़े शर्म की बात है कि उनसे एक सिंपल-सा रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं हुआ. ये घटिया हरकत है. अथॉरिटी को जागने की जरूरत है, और कड़ा एक्शन लिए जाने की भी जरूरत है ताकि ये फिर से ना हो.
अभिनव की बातों से यूजर्स भी सहमति जता रहे हैं. उनका कहना है कि किसी विभाग की लापरवाह से मासूम की जान जाना बेहद शर्मनाक है. इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
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