सुशांत केस: रिया समेत 7 लोगों को बनाया गया आरोपी, इन धाराओं में केस दर्ज

मालूम हो कि बिहार सरकार की सीबीआई की सिफारिश को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी थी. जिसके बाद मामला अब सीबीआई के हाथों में चला गया. सीबीआई ने जिन धाराओं में केस दर्ज किया है उसे भी समझ लेते हैं.

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सुशांत सिंह राजपूत सुशांत सिंह राजपूत

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 10:30 AM IST

सुशांत सिंह राजपूत केस की गुत्थी लगातार उलझती जा रही है. जांच का दायरा भी बढ़ता जा रहा है. मुंबई पुलिस और पटना पुलिस की खींचतान के बाद केस अब सीबीआई ने अपने हाथों में ले लिया है. सीबीआई ने मामले की जांच शुरू करने की तैयारी कर ली है. सीबीआई ने मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की है. एफआईआर में रिया चक्रवर्ती समेत 7 लोगों को आरोपी बनाया गया है.

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सीबीआई ने इन लोगों को बनाया आरोपी

पहली आरोपी सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती, दूसरा रिया का भाई शोविक चक्रवर्ती, तीसरा आरोपी रिया के पिता इंद्रजीत चक्रवर्ती, चौथा आरोपी रिया की मां संध्या चक्रवर्ती, पांचवां आरोपी सुशांत का हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा, छठा आरोपी सुशांत की पूर्व सेक्रेटरी श्रुति मोदी को बनाया गया है. सातवें आरोपी के नाम का खुलासा नहीं किया गया है.

मालूम हो कि बिहार सरकार की सीबीआई की सिफारिश को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी थी. जिसके बाद मामला अब सीबीआई के हाथों में चला गया. सीबीआई ने जिन धाराओं में केस दर्ज किया है उसे भी समझ लेते हैं.

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धारा 306

केस-हत्या के लिए उकसाना

सजा- अधिकतम 10 साल जेल (गैर जमानती)

धारा 420

केस-धोखाधड़ी

सजा- अधिकतम 7 साल की जेल (गैर जमानती)

धारा 380

केस- चोरी

सजा- अधिकतम 7 साल की जेल (गैर जमानती)

धारा 506

केस- आपराधिक धमकी

सजा- अधिकतम 7 साल की जेल (जमानती)

धारा 406

केस- विश्वास में दी गई संपत्ति का गलत इस्तेमाल या बेचना, वापस ना देना

सजा- अधिकतम 3 साल (गैर जमानती)

धारा 341

केस- किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकना

सजा- अधिकतम 1 माह की जेल (जमानती)

धारा 342

केस- किसी को गलत तरीके से प्रतिबंधित करना

सजा- अधिकतम 1 साल की जेल (जमानती)

यानी सीबीआई के मुताबिक आरोप गंभीर हैं. जिसके तहत कई संगीन धाराएं लगाई गई हैं. सीबीआई ने पूरे मामले को लेकर तैयारी तेज कर दी है. जांच के लिए SIT का गठन किया गया. सीबीआई के संयुक्त निदेशक मनोज शशिधर SIT के प्रमुख हैं. DIG गगनदीप गंभीर जांच की निगरानी करेंगे. अनिल यादव SIT में जांच अधिकारी होंगे.

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