पद्मावत: रिलीज से पहले ही भंसाली की फिल्म को करोड़ों का नुकसान

सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद भी संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को अभी राहत नहीं मिली है. कई राज्यों में बैन की मांग को लेकर चलते इस फिल्म को रिलीज के पहले ही करोड़ों का घाटा हो सकता है...

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फिल्म पद्मावती का पोस्टर फिल्म पद्मावती का पोस्टर

वन्‍दना यादव

  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 10:28 PM IST

सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद भी संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को अभी राहत नहीं मिली है. कई राज्यों में बैन की मांग को लेकर चलते इस फिल्म को रिलीज के पहले ही करोड़ों का घाटा हो सकता है.

26 जनवरी को फिल्म रिलीज किए जाने की चर्चा है. उससे पहले कुछ राज्यों में फिल्म का प्रदर्शन बैन किए जाने की खबरें भी सामने आ रही हैं. मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान ने पहले की गई घोषणा के मुताबिक़ पद्मावत पर बैन जारी रखने का फैसला किया है.

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न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक गुजरात में विजय रूपाणी ने भी फिल्म रिलीज की अनुमति नहीं दी है. इससे पहले वसुंधरा राजे सरकार ने भी राजस्थान में फिल्म के प्रदर्शन को रोक दिया है. बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ पर मचे घमासान के बाद यूपी, उत्तराखंड और पंजाब जैसे राज्यों ने भी विवादित कंटेंट के साथ फिल्म की रिलीज रोकने की बात की थी.

बता दें कि 250 करोड़ रुपये के भारी बजट में बनी संजय लीला भंसाली की फिल्म अगर इन सब राज्यों में बैन हो जाती है तो फिल्म को करोड़ों का नुकसान हो जाएगा. खबरों की मानें तो फिल्म को एक राज्य से कम से कम लगभग 20 करोड़ रुपये का कारोबार करेगी. इस तरह से अगर फिल्म का बैन जारी रहा तो फिल्म बॉक्स ऑफिस घाटे में हो सकती है.

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उधर, करणी सेना के लोकेंद्र सिंह कलवी ने कहा, 'प्रधानमंत्री विशेष परिस्थिति के आधार पर पद्मावत का प्रदर्शन रोक सकते हैं. अभी तक सेंसर बोर्ड ने पद्मावत को क्लीयरेंस नहीं दी है.'

उन्होंने कहा, 'हम किसी भी हालत में पद्मावत के रिलीज की अनुमति नहीं दे सकते हैं. क्षत्रीय मुद्दों पर आधारित बाहुबली जैसी फिल्मों को लेकर हमारी कोई आपत्ति नहीं है. हम पद्मावती पर बनने वाली किसी भी फिल्म का स्वागत करते हैं. लेकिन ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की शर्त पर नहीं.'

उन्होंने दावा किया कि 'पद्मावत' पर हमारे फतवे को लेकर आगामी चुनावों के मद्देनजर बीजेपी को डर है.

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