रामायण: मूर्छित लक्ष्मण की हनुमान ने बचाई जान, राम को हराने के नए हथकंडे अपनाएगा रावण

मेघनाथ की ललकार से नाराज लक्ष्मण युद्ध के लिए जाते हैं, लेकिन इस बार वो अपने मायावी चाल से लक्ष्मण पर शक्ति वाण से प्रहार करता है, जिससे वह घायल हो कर जमीन पर गिर जाते हैं.

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लक्ष्मण और रावण लक्ष्मण और रावण

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 1:38 PM IST

रामायण सीरियल की कहानी तेजी से आगे बढ़ रही है बुधवार रात जनता को लक्ष्मण के मूर्छित होने और हनुमान के संजीवनी बूटी लाने की कहानी देखने को मिली. इस एपिसोड में हमने देखा कि लंका युद्ध क्षेत्र में राम द्वारा कुम्भकर्ण का वध होने से रावण काफी आहत है और विलाप कर रहा है. अपने पिता को विलाप करता देख मेघनाथ क्रोधित हो उठता है और राम-लक्ष्मण की जान लेने की शपथ खाता है. मेघनाथ युद्ध क्षेत्र में जाता है और राम-लक्ष्मण को युद्ध के लिए ललकारता है.

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लक्ष्मण हुए मूर्छित

मेघनाथ की ललकार से नाराज लक्ष्मण युद्ध के लिए जाते हैं, लेकिन इस बार वो अपने मायावी चाल से लक्ष्मण पर शक्ति वाण से प्रहार करता है, जिससे वह घायल हो कर जमीन पर गिर जाते हैं. मुर्छित लक्ष्मण को हनुमान, राम के पास ले जाते हैं और राम उन्हें देख शोक में डूब जाते हैं. इसके बाद सभी लक्ष्मण के इलाज का उपाय ढूंढने लगते हैं. विभीषण सुझाव देते हैं कि हनुमान सुषैण वैद्य को लेकर आएं, वो लक्ष्मण का इलाज कर सकते हैं.

सुषैण वैद्य पहले लक्ष्मण का इलाज करने के से मना कर देते हैं लेकिन राम और विभीषण के आग्रह करने पर वे इलाज को तैयार हो जाते हैं. सुषैण वैद्य श्रीराम से कहते हैं कि अगर वे अपने भाई को जीवित देखना चाहते हैं तो इनके इलाज के लिए बिना समय गंवाए हिमालय पर्वत से संजीवनी बूटी लेकर आएं. वैद्य के सुझाव पर हनुमान श्रीराम की आज्ञा लेकर संजीवनी बूटी के लिए निकल पड़ते हैं.

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संजीवनी लाए हनुमान

हनुमान हिमालय पर जाकर संजीवनी ढूंढते हैं और दूसरी तरफ सभी उनका इंतजार करते हैं. परेशानियों का सामने करने और बूटी को ढूंढ लेने के बाद हनुमान पूरा पहाड़ उठाकर लंका की रणभूमि में पहुंच जाते हैं. हनुमान को देखकर श्रीराम के साथ-साथ विभीषण, जामवंत, सुग्रीव, अंगद सहित अन्य सभी लोग खुश हो जाते हैं.

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इसके बाद सुषैण वैद्य संजीवनी बूटी से प्रार्थना करते हुए उन्हें चुनकर एक लेप बनाते हैं और मुर्छित लक्ष्मण की चोट की जगह लगाते हैं. साथ ही लक्ष्मण को संजीवनी बूटी का घोल भी पिला देते हैं. थोड़ी देर बाद औषधियों का असर होता है लक्ष्मण होश में आ जाते हैं. यहां रावण इस बात को जानकर क्रोधित होता है और अब वो राम और उनकी सेना को हराने की नई तरकीब सोचने लगता है.

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