पनामा पेपर्स में कई सेलिब्रिटीज के नाम सामने आ चुके हैं. इस मामले की जांच कर रही ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने कई सेलिब्रीटीज को नोटिस भी दिया था. अब अजय देवगन की ओर से प्रवर्तन निदेशालय के नोटिस पर लिखित जवाब देने की बात सामने आ रही है. अजय देवगन ने लिखित कहा, उनका निवेश पूरी तरह से कानूनी है और रिजर्व बैंक की गाइडलाइन्स के तहत ही है.
इंडिया टुडे को ED के सूत्रों ने बताया
पनामा पेपर्स मामले में अजय देवगन का जवाब पहला है. सूत्रों के मुताबिक़ पिछले महीने ईडी के अधिकारियों को लिखित जवाब में अजय देवगन ने कहा, उन्होंने आरबीआई या भारत सरकार के किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है. उन्होंने 2004 में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुरू गई उदारवादी प्रेषण योजना (एलआरएस) के उचित कानूनी चैनल के जरिए निवेश किया था.
ईडी सूत्रों ने इंडिया टुडे डॉट इन से इस बात की पुष्टि भी की कि अजय देवगन ने एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने निवेश को कानूनी और आरबीआई की एलआरएस स्कीम के तहत जायज बताया है. इस स्कीम में हर साल 25,000 डॉलर तक की धनराशि भेजने की अनुमति दी गई थी.
सूत्रों के मुताबिक़ लिखित जवाब के बाद ED ने से अजय देवगन को मामले में और जानकारी देने को कहा है. उनसे इनवेस्टमेंट डिटेल, आजतक दाखिल किए गए आयकर रिटर्न के कागजात, बैंकिंग लेनदेन की डिटेल मांगी गई है. एजेंसी का फिलहाल अजय को समन जारी करने का कोई प्लान नहीं है. वह एक्टर के सीए द्वारा भेजे गए दस्तावेजों को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं. अजय देवगन के प्रवक्ता का कहना है कि ED को आवश्यक दस्तावेज भेज दिए गए है.
इससे पहले इस मामले से जुड़ी खबरों के मुताबिक, अजय देवगन ने ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स कंपनी, मैरीलेबोन एंटरटेनमेंट लिमिटेड (2013 में शामिल) के 1000 शेयरों को खरीदा था. ये शेयर उनकी कंपनी निसा यूग एंटरटेनमेंट के नाम पर खरीदे गए थे. इस कंपनी की को ऑनर उनकी पत्नी काजोल भी हैं. इस मामले में अजय देवगन ने पहले बयान भी दिया था. उन्होंने स्वीकार किया था कि वह विदेशी खाते का इस्तेमाल कर रहे हैं. ये खुलासा एक्टर ने रिटर्न में भी किया है. अजय देवगन ने यह भी स्पष्ट किया था कि इस कंपनी के शुरू होने के बाद दिसंबर 2014 में उन्होंने अपने निर्देशक के रूप में इस्तीफा दे दिया था.
बता दें एजेंसी ने पनामा लिस्ट में शामिल सभी नामों के खिलाफ विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम (फेमा) के तहत जांच जारी है.
पूजा बजाज