कंगना रनौत के सपोर्ट में निर्भया की मां, बोलीं- मां हूं, महान नहीं बनना

कंगना रनौत के सपोर्ट में आईं निर्भया की मां आशा देवी. कहा- मैं मां हूं, लेकिन मैं महान नहीं बनना चाहती हूं.

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कंगना रनौत और आशा देवी कंगना रनौत और आशा देवी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 1:26 PM IST

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत निर्भया गैंगरेप के दोषियों के हक में इंदिरा जयसिंह के बयान पर खूब गुस्सा हुई थीं. उन्होंने कहा था कि इंदिरा जयसिंह को भी उन अपराधियों संग जेल में बंद कर देना चाहिए था. अब निर्भया की मां आशा देवी कंगना के सपोर्ट में आ गई हैं.

आशा देवी ने कहा- मैं मां हूं, लेकिन मैं महान नहीं बनना चाहती हूं. ये लोग ह्रयूमन राइट्स के नाम पर सिर्फ बिजनेस करते हैं और अपराधियों को बचाते हैं.  

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कंगना ने क्या कहा था?

कंगना ने कहा था- इंदिरा जयसिंह जैसी औरतों की कोख से बलात्कारी पैदा होते हैं. ऐसी औरतों को बलात्कारियों के साथ 4 दिन जेल में रखना चाहिए. वो औरतें ही ऐसा सोचती हैं, जिनको खूनी और वहशियों पर प्यार आता है.

आगे ने कहा- ऐसे लोगों को चौराहों पर लटकाकर मारना चाहिए. ताकि सबको पता चले कि रेप क्या होता है और क्या उसकी सजा होती है. इतने सालों से वो मां इतना सफर कर रही है. पिताजी इतना परेशान हैं. पूरी फैमिली की क्या हालत होगी. इतने सालों में संघर्ष कर-करके क्या बचा होगा. कहां-कहां जाएंगे वो लोग. ये कैसा समाज है. मुझे तो नहीं लगता कि ऐसे लोगों को चुपचाप मार देना चाहिए. ऐसे मारने का क्या फायदा जब आप उदाहरण ही ना बना पाए.

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बता दें कि कुछ दिन पहले इंदिरा ने निर्भया की मां आशा देवी से अपील की थी कि उन्हें दोषियों को माफ कर देना चाहिए. जयसिंह के इस बयान पर निर्भया की मां भड़क गई थीं.

आशा ने कहा था इंदिरा जयसिंह की इस तरह का सुझाव देने की हिम्मत कैसे हुई. वे सुप्रीम कोर्ट में उनसे कई बार मिलीं, लेकिन उन्होंने एक बार भी उनका हाल-चाल नहीं पूछा. आज वो दोषियों के हक में बोल रही हैं. ऐसे लोग बलात्कारियों को सपोर्ट कर अपनी रोजी रोटी चलाते हैं, इसलिए पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिलता है.

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