#MeToo: करण बोले- भद्दे मैसेज भेजना भी उत्पीड़न, हद में ही रहना ठीक

करण जौहर ने पहली बार #MeToo कैंपेन पर बयान दिया है. उनका कहना है कि किसी को भी अपनी सीमाएं नहीं लांघनी चाहिए.

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करण जौहर (इंस्टाग्राम) करण जौहर (इंस्टाग्राम)

हंसा कोरंगा

  • नई दिल्ली,
  • 31 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 6:35 PM IST

बॉलीवुड में #MeToo मूवमेंट के तहत कई सेलिब्रिटी सवालों के घेरे में हैं. साजिद खान, विकास बहल, सुभाष घई, नाना पाटेकर और आलोक नाथ पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं. महिलाओं ने दिलेरी से सामने आकर आपबीती कही, जिसके बाद मनोरंजन जगत की तमाम बड़ी हस्तियों ने इस अभियान का समर्थन किया. हालांकि कुछ चुप रहे और कुछ ने अभियान पर ही सवाल उठाए. 

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अब लंबे समय के बाद फिल्ममेकर करण जौहर ने #MeToo पर अपनी राय रखी है. रेडियो शो "कॉलिंग करण" में बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ''किसी को प्राइवेट पार्ट्स की तस्वीरें भेजना कूल नहीं है. शराब पीने के बाद किसी को गलत तरीके से झूना और किस करना भी कूल नहीं है. किसी के मना करने के बावजूद भद्दे मैसेज भेजना बिल्कुल कूल नहीं है. लोगों को दूसरों के द्वारा तय की गई सीमाओं को नहीं लांघना चाहिए. हमेशा दूसरे के जवाब की इज्जत करनी चाहिए.''

उन्होंने कहा, ''बिना सहमति के किसी के साथ संबंध बनाना भी सेक्सुअल हैरेसमेंट के बराबर है. इसलिए सबसे बेहतर रहता है कि सामने वाले से सवाल पूछे और उनके जवाब की इज्जत करें.''

बॉलीवुड में तनुश्री दत्ता ने 10 साल पुराने मामले को लेकर नाना पाटेकर समेत कई नामी लोगों पर सवाल उठाए. तनुश्री के बाद कई विनता नंदा ने भी आलोक नाथ पर गंभीर आरोप लगाए. इसके बाद तो बॉलीवुड में उत्पीड़न की कहानियों का सिलसिला चल निकला.    

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क्या है तनुश्री-नाना विवाद?

बॉलीवुड में #MeToo तनुश्री दत्ता के नाना पाटेकर को कठघरे में खड़ा करने के बाद शुरू हुआ. तनुश्री ने नाना पर शूटिंग के दौरान बदतमीजी और छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. उन्होंने 2008 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान नाना पर अपने साथ जोर जबरदस्ती की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ''नाना जबरन करीब आना चाहते थे, वे शूटिंग के दौरान गाने का हिस्‍सा नहीं थे, बावजूद उन्‍होंने उनके साथ इंटीमेट होने की कोशिश की.

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