जब बचपन में हुमा कुरैशी के सामने कश्मीर में हुआ था ब्लास्ट, सुनाई पूरी कहानी

हुमा कुरैशी अपनी आने वाली फिल्म दोबारा: सी योर इविल के प्रमोशन के लिए इंडिया टुडे पहुंची. lallantop.com से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी फिल्म और कश्मीर मुद्दे पर बात की.

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हुमा कुरैशी हुमा कुरैशी

स्वाति पांडे

  • नई दिल्ली,
  • 22 मई 2017,
  • अपडेटेड 11:50 PM IST

हुमा कुरैशी अपनी आने वाली फिल्म दोबारा: सी योर इविल 2 जून को रिलीज हो रही है. फिल्म में उनके भाई शाकिब सलीम भी हैं. फिल्म एक अंग्रेजी फिल्म पर बनाई गई है. यह एक हॉरर फिल्म है और भाई-बहन के रिश्ते पर आधारित है.

फिल्म के प्रमोशन के लिए हुमा और शाकिब ने lallantop.com से बातचीत की. कश्मीर के हालात पर हुमा ने कहा कि मेरा ननिहाल कश्मीर में है और मैं कश्मीर के लिए बहुत इमोशनल हूं. कश्मीर के लोग बहुत मुसीबत में हैं और सरकार को उनकी सहायता करनी चाहिए.

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हुमा ने अपने बचपन के एक्सपीरियंस को शेयर करते हुए कहा, मैं छह साल की उम्र से कश्मीर जाती हूं और वहां का माहौल शुरू से खराब रहा है. मैंने कई बम ब्लास्ट भी देखे हैं.

हुमा और शाकिब से पूछा गया कि क्या उन्हें कभी मुसलमान होने के कारण भेदभाव का सामना करना पड़ा है. इस पर हुमा ने कहा कि उनके साथ तो कभी ऐसा नहीं हुआ है लेकिन शाकिब का इस पर कुछ और ही कहना था. उन्होंने बताया कि स्कूल में लड़के उन्हें मुल्ला-मुल्ला कहते थे. इस बात पर उन्हें बहुत गुस्सा आता था. यह बात सुन शाकिब रोते-रोते घर आए थे. जब उन्होंने अपनी मम्मी को यह बात बताई तो उन्होंने कहा कि मुल्ला कोई खराब बात नहीं होती है.

शाकिब कहते हैं कि बचपन में उन्हें इन सब चीजों से काफी फर्क पड़ता था लेकिन अब उनके साथ ऐसा भेदभाव नहीं होता. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें कभी भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा.

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