फरहान के पिता जावेद अख्तर नवाबों के शहर लखनऊ से तालुल्क रखते हैं. यहां उनका पुश्तैनी घर भी है. यूं तो फरहान की पूरी परवरिश मुंबई में हुई है पर वो समय-समय पर लखनऊ आते रहे हैं.
स्कूल के दौरान गर्मियों की छुट्टियां मनाना हो या फिर किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होना हो. फरहान लखनऊ के भी उतने अपने हैं जितने की मुंबई के. यह पहला मौका होगा जब अपने बैंड के साथ लखनऊ में परफॉर्म करेंगे.
लखनऊ महोत्सव में का भाग लेना उनका निजी फैसला है, क्योंकि इस प्रकार के आयोजनों के लिए आयोजक राज्य सरकार या स्थानीय प्रशासन, कलाकारों से संपर्क करते हैं. पर लखनऊ महोत्सव में इस बार परफॉर्म करने का निर्णय फरहान ने खुद लिया है.
लखनऊ की सड़कों पर घूमेंगे फरहान1 फरवरी को है फरहान का कॉन्सर्ट
सूत्रों की मानें तो अपने शो के लिए काफी उत्साहित हैं. लखनऊ के क्षत्रिय पार्क में होने वाले इस कॉन्सर्ट के लिए
फरहान विशेष तैयारी कर रहे हैं. को गाने के अलावा आप उनकी कुछ नई शायरियों के साथ लखनऊ में देख सकते हैं. फरहान
अख्तर अच्छे लिरिसिस्ट के साथ ही मंझे हुए शायर भी हैं. 'जिंदगी मिलेगी ना दोबारा' के 'बस जिंदा हूं', उनमें से एक है. तो इंतजार
कीजिए 1 फरवरी का जब लंबे बालों और दाढ़ी में अपने बैंड के साथ को परफॉर्म करते हुए आप पाएंगे.
दीपिका शर्मा / आर जे आलोक