केजरीवाल पर स्याही फेंकने वाला वीडियो फिल्म में रहेगा: सुप्रीम कोर्ट

अरविंद केजरीवाल पर बनी फिल्म पर रोक लगाए जाने और स्याही फेंकने वाला वीडियो हटाए जाने की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है.

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एन इनसिग्न‍िफिसेंट मैन एन इनसिग्न‍िफिसेंट मैन

महेन्द्र गुप्ता / संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 16 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 6:03 PM IST

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बनी फिल्म 'एन इनसिग्न‍िफिसेंट मैन' शुक्रवार को रिलीज हो रही है. इस फिल्म में ओरिजनल वीडियो क्ल‍िप्स का इस्तेमाल किया गया है, जिस पर एक याचिकाकर्ता ने आपत्त‍ि जताई.

दरअसल, फिल्म में अरविंद केजरीवाल पर फेंकी गई स्याही का भी ओरिजनल वीडियो इस्तेमाल किया गया है. जिसके विरोध में एक याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी कि स्याही फेंकने वाले वीडियो को फिल्म से हटाया जाए, लेकिन चीफ जस्टिस की बेंच ने फिल्म पर रोक लगाने या वीडियो क्लिप हटाने का आदेश देने से साफ मना कर दिया.

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कोर्ट का कहना है कि हर कलाकार लेखक को अपनी कला अपनी सोच के मुताबिक व्यक्त करने का संवैधानिक अधिकार है. इतिहास भी गवाह है कि कलाकारों लेखकों और नाटककारों ने अपने शब्द, कल्पना और सोच के आधार पर रचनाएं तैयारी की हैं. ये फ़िल्म भी फिल्मकार की सोच दर्शाती है.

याचिकाकर्ता का कहना है कि इस फ़िल्म से उसके गांव में बदनामी होगी. अपनी बदनामी रोकने के लिए उसने कोर्ट से दखल देने की मांग की थी. बता दें कि ये फिल्म अरविंद केजरीवाल के भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़ी लड़ाई से लेकर उनके मुख्यमंत्री बनने तक के सफर को दिखाती है. इसमें ओरिजनल क्ल‍िप्स इस्तेमाल हर्इु हैं.

इस फिल्म का निर्देशन खुशबू रांका और विनय शुक्ला ने किया है. इसे आनंद गांधी ने प्रोड्यूस किया है. वे अपनी फिल्म शिप ऑफ थीसियस से चर्चा में आए थे.

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क्राउड फंडिंग से बनी है फिल्म

इस फिल्म के ट्रेलर को यूट्यूब पर करीब 15 दिन में 14 लाख लोगों ने देखा है. www.vkaao.com साइट पर फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग की बुकिंग शुरू हो गई है. डॉक्यूमेंट्री फिल्म भारत के कई शहरों में रिलीज हो रही है. फिल्म को क्राउडफंडिंग के जरिए बनाया गया. फिल्म में पार्टी के बंद दरवाजों के भीतर के सीन भी शामिल किए गए हैं.

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