कौन बनेगा करोड़पति, भारत का सबसे चर्चित टीवी क्विज शो है. ये पहली बार साल 2000 में शुरू हुआ था. कुछ अंतराल के साथ पिछले 18 सालों से जारी शो ने सफलता के कई पायदान छुए. साल बीतते गए शो के नए सीजन के साथ अमिताभ बच्चन दर्शकों का अभिनंदन, आभार व्यक्त करते गए. लेकिन जब भी केबीसी के किसी सीजन के खत्म होने की घड़ी आई तो फैंस के साथ अमिताभ भी बेहद भावुक नजर आए.
सोमवार को टेलिकास्ट हुए सीजन 10 के आख़िरी एपिसोड में एक बार फिर से भावुक मंजर देखने को मिला. अमिताभ ने गर्मजोशी के साथ लोगों का स्वागत किया, फिर बजर बजने के साथ ही सीजन के खत्म होने की घोषणा भी की. अमिताभ ने केबीसी के मंच पर विदाई की बेला में चंद बातें भी कहीं और फिर लौटकर आने का वादा किया और हाथ जोड़कर विदा ली.
इसके बाद सोशल मीडिया पर इमोशनल पोस्ट की बाढ़ आ गई. केबीसी और अमिताभ, दोनों के फैंस शो की जमकर तरीफ करते हुए इमोशनल पोस्ट शेयर करते नजर आए.
फैंस ने अमिताभ के वीडियो शूट करके कई ट्वीट किए हैं. इसी के साथ यादगार एपिसोड के लिए बिग बी को शुक्रिया भी अदा किया है.
वैसे दर्शकों का इमोशनल होना भी जायज है, विदा लेते हुए अमिताभ ने कहा, "देवियों और सज्जनों हर दौर के आखिर में मुझसे ये सवाल पूछा जाता है कि कल से जब 9 बजेंगे तो आप क्या करेंगे? मैं हंसकर कह देता हूं कि अरे भाई...आराम करूंगा, तो कभी कह देता हूं बाकी के बचे काम करूंगा. लेकिन सच ये है कि कल से मैं क्या करूंगा ये खुद नहीं जानता. मगर सच तो ये है कि रोज-रोज रात 9 बजे यहां आने की आदत जो पड़ गई है. कल से ये मंच ही नहीं मेरा मन भी सूना हो जाएगा."
"... पर सूने मन के किसी कोने में एक संतुष्टि है. वो ये कि कुछ हफ्ते ही सही इन खिलाड़ियों के जरिए मैंने हिंदुस्तान महसूस किया. किसी की विदाई जब होती है तो तकलीफ तो होती है. लेकिन उतनी नहीं जितनी तकलीफ देती हैं उससे जुड़ी यादें, बिताए हुए पल, बिताए हुए लम्हे. ये लम्हे, ये पल, हमारी याददाश्त बनकर हमारे मन और शरीर में सदा के लिए बस जाते हैं."
"देवियों और सज्जनों, आप सब बहुत याद आएंगे. हर बार याद आएंगे, बार-बार याद आएंगे. आज भले ही इस खेल के दौर का आखिरी दिन हो. पर उस दौर का नहीं जो यहां शुरू हुआ था. यहां शुरू हुआ था हालातों को मुंह तोड़ जवाब देने का दौर. अच्छाई सीखने और सिखाने का दौर और फिर लौटकर आने का दौर."
"इसी के साथ मैं अमिताभ बच्चन, इस दौर के लिए मैं आपसे आखिरी बार कहने जा रहा हूं. शुभरात्रि, शुभरात्रि, शुभरात्रि."
ऋचा मिश्रा