दीप्ति नवल अपना 65वां जन्मदिन मना रही हैं. वे 3 फरवरी, 1952 को जन्मी थीं. दीप्ति 80 और 90 के दशक में बॉलीवुड में सक्रिय रहीं. जानिए उनकी दिलचस्प बातें.
दीप्ति पंजाब के अमृतसर में जन्मी थीं. इसके बाद वे न्यूयॉर्क चली गईं, जहां उनके पिता टीचर थे. दीप्ति ने श्याम बेनेगल की फिल्म जुनून से 1978 में डेब्यू किया था.
दीप्ति नवल की फिल्म निर्देशन में भी दिलचस्पी रही है. उनकी निर्देशक के रूप में पहली फिल्म मनीषा कोइराला अभिनीत 'दो पैसे की धूप चार आने की बारिश' थी, जो समीक्षकों द्वारा सराही गई थी. फिल्म 2009 कान फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई थी.
दीप्ति मनोरोगियों के बारे में जागरूकता फैलाने का काम कर रही हैं. साथ ही वह लड़कियों की शिक्षा के लिए दिवंगत विनोद पंडित की याद में स्थापित 'विनोद पंडित चैरिटेबल ट्रस्ट' से जुड़ी हैं.
दीप्ति के छोटे भाई के बेटे संजय नवल भी बाल कलाकार हैं. वे दीप्ति की फिल्म 'दो पैसे की धूप चार आने की बारिश' से डेब्यू कर चुके हैं.
दीप्ति ने सबसे ज्यादा फिल्में फारुख शेख के साथ की हैं. वे उनके साथ फिल्म चश्मे बद्दूर, कथा, साथ-साथ में नजर आई हैं. दीप्ति दिवंगत अभिनेता फारुख शेख के बेहद करीब मानी जाती थीं. दीप्ति ने एक बार फारुख को बड़ा इश्कबाज कहा था, हालांकि फारुख ने कभी उन्हें फ्लर्ट नहीं किया. जब दीप्ति ने फारुख शेख की मौत की खबर सुनी तो वे रो पड़ी थीं.
दीप्ति नवल एक कवियित्री भी हैं. 1983 में उनका पहला कविता संग्रह Lamha Lamha आया था. 2011 में उनकी लघु कहानियों की किताब The Mad Tibetan प्रकाशित हुई थी.
दीप्ति नवल एक चित्रकार भी हैं. उनके पिता उन्हें चित्रकार बनाना चाहते थे, लेकिन वो अभिनय करना चाहती थीं. दीप्ति ने दोनों कला को जारी रखा. उनकी कई पेंटिंग्स प्रदर्शनियों में प्रदर्शित की गई हैं.