क्या है शिवकार्तिकेयन की 'पराशक्ति' फिल्म पर गहराया विवाद? कैंसिल हुए 600 शोज, धड़ाम गिरी कमाई

शिवकार्तिकेयन की ‘पराशक्ति’ रिलीज होते ही राजनीतिक विवाद में फंस गई. फिल्म पर इंदिरा गांधी की गलत छवि, इतिहास से छेड़छाड़ के आरोप लगे. इसके 600 से ज्यादा शोज कैंसिल हुए और अब ये बॉक्स ऑफिस पर भी भारी नुकसान झेल रही है.

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पराशक्ति का विवाद क्या है? (Photo: Movie Still) पराशक्ति का विवाद क्या है? (Photo: Movie Still)

आरती गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:55 AM IST

साउथ सुपरस्टार शिवकार्तिकेयन की फिल्म ‘पराशक्ति’ रिलीज होते ही बड़े राजनीतिक विवाद में फंस गई. सुधा कोंगरा के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म 10 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, लेकिन रिलीज के कुछ ही दिनों में इस पर इतिहास से छेड़छाड़ और राजनीति को गलत तरीके से दिखाने के आरोप लगने लगे.

क्यों मचा है ‘पराशक्ति’ पर बवाल?

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फिल्म की कहानी तमिलनाडु में हिंदी थोपे जाने के खिलाफ 1960 के दशक के आंदोलन के बैकग्राउंड पर बेस्ड है. इसी को लेकर तमिलनाडु यूथ कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया. संगठन का आरोप है कि फिल्म में 1965 के एंटी-हिंदी आंदोलन से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दिखाया गया है.

यूथ कांग्रेस का कहना है कि फिल्म में कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं, खासकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, को नकारात्मक और 'विलेन' की तरह पेश किया गया है.

किन सीन पर सबसे ज्यादा आपत्ति?

विवाद की सबसे बड़ी वजह फिल्म के कुछ खास सीन हैं.

-एक सीन में दिखाया गया है कि 1965 में कांग्रेस सरकार ने पोस्ट ऑफिस में सिर्फ हिंदी फॉर्म लागू किए, जिसे यूथ कांग्रेस ने पूरी तरह झूठ बताया.

-एक और सीन में शिवकार्तिकेयन का किरदार इंदिरा गांधी से मुलाकात करता है, जिस पर संगठन ने आपत्ति जताई.

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-फिल्म में यह भी दिखाया गया कि इंदिरा गांधी कोयंबटूर आईं, ट्रेन जलने की घटना देखी और हिंदी विरोधी हस्ताक्षर स्वीकार किए, जिसे कांग्रेस ने सिरे से नकार दिया.

इन्हीं आरोपों के चलते यूथ कांग्रेस ने फिल्म पर बैन की मांग, विवादित सीन हटाने और मेकर्स से सार्वजनिक माफी की मांग की. सोशल मीडिया पर #BanParasakthiMovie भी ट्रेंड करने लगा.

राजनीति में भी छिड़ी जंग

फिल्म का विवाद सिनेमा से निकलकर राजनीति तक पहुंच गया. बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अभिव्यक्ति की आजादी पर बोलने का कोई हक नहीं है, क्योंकि उसी पार्टी ने इमरजेंसी के दौरान आवाजें दबाईं थीं. तमिलिसाई ने आरोप लगाया कि ‘पराशक्ति’ फिल्म कांग्रेस के तमिल विरोधी रवैये को उजागर करती है और पार्टी अपनी सुविधा के हिसाब से कला की आजादी की बात करती है.

फिल्म को मिला समर्थन भी

जहां कांग्रेस ने फिल्म का विरोध किया, वहीं कई फिल्मी और राजनीतिक हस्तियों ने इसका समर्थन भी किया. एक्टर-राजनेता कमल हासन ने फिल्म देखने के बाद तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन को चिट्ठी लिखी. उन्होंने ‘पराशक्ति’ को 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले 'राजनीतिक बिगुल' बताया और इसे डीएमके के इतिहास में एक अहम फिल्म कहा.

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शिवकार्तिकेयन-डायरेक्टर सुधा कोंगरा ने क्या कहा?

विवाद बढ़ने पर डायरेक्टर सुधा कोंगरा ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि फिल्म में इतिहास और क्रिएटिव आजादी का संतुलन रखा गया है. उनके मुताबिक, इंदिरा गांधी का उस समय मद्रास आना एक सच्ची घटना थी और फिल्म को छात्रों के नजरिए से दिखाया गया है. उन्होंने दावा किया कि 1965 के आंदोलन में छात्रों की बड़ी भूमिका थी और फिल्म उसी दृष्टिकोण से बनी है.

शिवकार्तिकेयन ने पूरे विवाद को तूल ना देते हुए कहा कि लोगों को फिल्म पूरी देखकर फैसला करना चाहिए. उनका कहना था- कोई विवाद नहीं है. फिल्म देखेंगे तो समझ आएगा कि हम क्या कहना चाहते थे.

600 से ज्यादा शोज कैंसिल, बॉक्स ऑफिस पर झटका

विवाद का सीधा असर फिल्म की कमाई पर भी पड़ा. देशभर में 600 से ज्यादा शोज कैंसिल कर दिए गए. पहले दिन 2,037 शोज़ थे, जो घटकर 1,424 रह गए. फिल्म ने पहले दिन 12.5 करोड़ रुपये कमाए. चौथे दिन कमाई गिरकर सिर्फ 2.40 करोड़ रह गई. चार दिन में कुल कलेक्शन करीब 28 करोड़ रुपये ही पहुंच सका.

ट्रेड एक्सपर्ट्स मान रहे हैं कि इस रफ्तार से फिल्म का ब्रेक-ईवन कर पाना मुश्किल है. कुल मिलाकर, 'पराशक्ति’ भले ही सेंसर बोर्ड से पास हो गई हो, लेकिन राजनीतिक विवाद, ऐतिहासिक आरोप और विरोध प्रदर्शनों ने फिल्म की राह मुश्किल कर दी है.

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अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में विवाद शांत होता है या फिर यह फिल्म विवादों में उलझकर बॉक्स ऑफिस पर और नुकसान झेलेगी.

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