पाकिस्तान में ईद पर फिल्में रिलीज करने की रस्म कई सालों से अदा हो रही है. इसकी खास वजह ईद पर होने वाली छुट्टियां हैं. लेकिन पाकिस्तान के सिनेमा को बचाने की पूरे साल में एक बार की जाने वाली अदद कोशिश खुद वहां के बॉक्स ऑफिस पर भारी पड़ रही है. लेकिन ये पूरा खेल कैसे खराब हो रहा है ये समझना जरूरी है.
पाकिस्तान के सिनेमाघरों में साल भर में सामान्य दिनों में थिएटरों में इतनी भीड़ नहीं आती. इसलिए प्रोड्यूसर और डिस्ट्रीब्यूटर अपनी सबसे बड़ी और महंगी फिल्में (जैसे बड़े सितारों वाली) ईद पर ही रिलीज करते हैं, क्योंकि यही वह समय है जब ज्यादा से ज्यादा लोग सिनेमा हॉल पहुंचते हैं. कई रिपोर्ट्स में इसे "Eid ही वो समय है जब इंडस्ट्री बच सकती है" ऐसा कहा जाता है. रमज़ान के महीने में मनोरंजन और मार्केटिंग पर कुछ पाबंदियां होती हैं, जिससे फिल्मों का प्रचार कम होता है. ईद आने पर उत्साह चरम पर होता है. लोग नए-नए मनोरंजन की तलाश में रहते हैं. इसलिए ईद पर रिलीज फिल्मों को सबसे ज्यादा फायदा होता है.
बीते सालों में ईद पर रिलीज फिल्में
लवगुरू 2025: घरेलू कमाई: PKR 45+ करोड़ (कुछ रिपोर्ट्स में 60 करोड़ तक)
ईद वीकेंड ओपनर: PKR 12.8 करोड़ (पहले 3 दिनों में, 5 सालों का सबसे बड़ा)
कुल: 5 दिनों में PKR 19+ करोड़ (पाकिस्तान में)
दीमक 2025: घरेलू कमाई PKR 17-18 करोड़ (लंबे समय तक चलने वाली)
कुल विश्व स्तर पर: PKR 20+ करोड़
पंजाब नहीं जाउंगीं 2017: कमाई PKR 50+ करोड़ (विश्व स्तर पर, ईद पर PKR 15 करोड़ रिपोर्टेड)
जवानी फिर नहीं आनी 2 2018: कमाई PKR 60+ करोड़ (कुछ रिपोर्ट्स में 73 करोड़ तक)
कॉमेडी-ड्रामा, ईद पर परिवारों ने खूब देखी।
लोड वेडिंग: कमाई PKR 30+ करोड़ (ईद पर अच्छा बिजनेस)
इन आंकड़ों को देखकर ये जरूर लग सकता है कि ईद सच में मुनाफा देकर जाती है. लेकिन इस मौके को भुनाने की होड़ में सबका खेल खराब होता है. कई बार पाकिस्तान में एक ही ईद पर 10-16 फिल्में भी रिलीज हुई हैं, जिससे स्क्रीन और दर्शक बंट जाते हैं, सबसे बड़ा असर एक अच्छी फिल्म को स्क्रीन कम मिलने का होता है. पूरे साल सिनेमाघरों में रहने वाला सन्नाटा वहां के मार्केट को खराब करता है.
फिल्मों ने तोड़ा ईद का मिथक
The Legend of Maula Jatt (2022) पाकिस्तान की सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्म (PKR 400 करोड़+) है, जो ईद पर रिलीज नहीं हुई, अक्टूबर 2022 में रिलीज हुई, हालांकि इसकी सफलता को देखते हुए इसे ईद पर री-रिलीज किया गया था. इतना बड़ा उदाहरण होने के बाद भी पाकिस्तान में ईद पर रिलीज की रेस चल रही है. अली जफर की तीफा इन ट्रबल भी जुलाई में रिलीज हुई थी, जिसने अच्छी कमाई की थी.
टीवी ड्रामा के जरिए कमाई पर है असली फोकस
पाकिस्तान के टीवी शोज का क्रेज कई सालों से है. इस मामले में तो इंडिया के टीवी शो भी पीछे छूट गए हैं. इंडिया में चैनल तो बैन हैं लेकिन यूट्यूब पर इन ड्रामों का आना अच्छे व्यूज दे रहा है. कई पॉपुलर शोज के एक दिन में 10 मिलियन पार व्यूज हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि ड्रामा क्वीन को टीवी एक्टर कहकर नकारा नहीं जाता, उन्हें फिल्मों में भी बराबर का मौका मिलता है.
ईद पर दांव पर लगीं ये फिल्में:
ईद पर इस बार तीन बड़ी कमर्शियल फिल्में एक साथ रिलीज हो रही हैं. इसमें माहिरा खान, फवाद खान स्टारर आग लगे बस्ती की चर्चा है. इसका प्रमोशन रिलीज से 45 दिन पहले शुरू कर दिया गया है. फिल्म के डायरेक्टर बिलाल आतिफ खान हैं, जॉनर कॉमेडी/क्राइम-ड्रामा. फिल्म के शानदार कलेक्शन करने की उम्मीद है.
दूसरी शान शाहिद, मोना लीजा की बड़ी फिल्म है बुल्लाह है, शोएब खान ने इसे डायरेक्ट किया है. जॉनर एक्शन/पावर एंड रिवेंज ड्रामा है. तीसरी फिल्म है दिल्ली गेट. यासिर खान, शमून अब्बासी की इस फिल्म का जॉनर कमर्शियल/ड्रामा है.
ऋचा मिश्रा