मिस इंडिया अर्थ 2019 की विजेता सायली सुर्वे ने अपनी शादी में सालों के दर्द और दुर्व्यवहार के बारे में खुलकर बात की है. मीडिया से भावुक होकर बात करते हुए सायली ने बताया कि प्यार से शुरू हुआ रिश्ता धीरे-धीरे उनके और उनके बच्चों के लिए असहनीय बन गया.
सायली सुर्वे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्होंने 2017 में एक कॉमन फ्रेंड के जरिए आतिफ तासे से मुलाकात के बाद शादी की थी. यह लव मैरिज थी, लेकिन उनके परिवार ने इस रिश्ते का जबरदस्त विरोध किया था. परिवार की चिंताओं के बावजूद उन्होंने शादी का फैसला किया, जिसपर अब वे पछतावा करती हैं.
सायली के साथ हुई मारपीट
सायली सुर्वे के अनुसार, निकाह की रस्म के लिए उन्हें शादी से पहले अपना धर्म परिवर्तन करना पड़ा था. उस समय को याद करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे कन्वर्शन करना पड़ा, क्योंकि निकाह करना जरूरी था और कन्वर्ट होना भी जरूरी था. पहले प्रक्रिया हुई, उसके बाद मैं वहीं रहती गई. जब आप 24 घंटे एक इंसान के साथ रहते हो, तो आपको उसकी आदतें समझ आती हैं और उसके बैकग्राउंड का भी अंदाजा होता है.'
सालों बाद सायली सुर्वे का दावा है कि शादी गहरी परेशानी में बदल गई. उन्होंने लगातार मौखिक दुर्व्यवहार और शारीरिक हिंसा का सामना किया. भावनात्मक रूप से स्थिति का असर बताते हुए उन्होंने कहा, 'जब आपको 24 घंटे गालियों के अलावा कुछ सुनने को नहीं मिलता, और बिना किसी गलती के मारपीट होती है, तो जो चीजें आपके लिए पहले नॉर्मल नहीं होतीं, वो धीरे-धीरे नॉर्मलाइज हो जाती हैं.'
सुर्वे ने कहा कि वह लंबे समय तक इस शादी में रहीं, यह उम्मीद करते हुए कि चीजें बदल जाएंगी. उन्होंने बच्चों के बारे में भी सोचा और परिवार टूटने नहीं देना चाहा. लेकिन जैसे-जैसे बच्चे बड़े हुए, वे उस माहौल को लेकर चिंतित हो गईं, जिसमें बच्चे पल रहे थे. यही चिंता आखिरकार उन्हें घर छोड़ने के लिए मजबूर कर गई.
'मेरे साथ हुआ लव जिहाद'- सायली
स्थिति को 'लव जिहाद' का मामला बताते हुए सायली सुर्वे ने कहा, 'बिल्कुल लव जिहाद का मामला है. कई लोग मना करते हैं और बोलते हैं कि जब मैंने खुद ये किया था, तो आज क्या बोलना. जब मैंने ये डिसीजन लिया था, तब इतनी समझ नहीं थी. मैं भरोसे में, उन्हें एक अच्छा इंसान समझकर गई थी. ये सारी चीजें इस धर्म में जरूर होती हैं.'
शादी तोड़ने के बाद सायली सुर्वे ने कहा कि उन्होंने वापस हिंदू धर्म में कन्वर्ट कर लिया है और अपना नाम बदलकर आद्या सुर्वे कर लिया है. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने बच्चों के नाम भी बदल दिए हैं ताकि उन्हें पता हो कि वे किस धर्म से हैं. सुर्वे ने कहा कि उन्हें किसी भी धर्म के बारे में नेगेटिव बात करना कभी पसंद नहीं था. उनके अनुसार, उन्होंने लंबे समय तक एडजस्ट करने की कोशिश की और बचपन से जो सीखा था, उसे जारी रखने की कोशिश की. लेकिन समय के साथ उन्हें ऐसी प्रैक्टिस फॉलो करने को कहा गया जो उनके लिए अनजान थीं, जिसमें नमाज पढ़ने का तरीका सीखना भी शामिल था.
सायली सुर्वे ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने कई FIR दर्ज कराई हैं और जल्द ही अपना बयान दर्ज करवाएंगी. खुद और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता के कारण वे मुंबई नहीं जा सकीं, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि वे पुणे आएंगे. इंटरैक्शन के दौरान एक पल में सुर्वे भावुक हो गईं. उन्होंने कहा कि उनके पास और भी बहुत कुछ बताने को है और उनके पास सबूत भी हैं, लेकिन उनकी वैल्यूज में इतना नीचे गिरना नहीं है. अंत में उन्होंने अन्य महिलाओं से अपील की, जो ऐसी ही स्थिति से गुजर रही हैं, कि वे बोलें और मदद मांगें.
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