भोजपुरी स्टार और बीजेपी नेता मनोज तिवारी इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं. लेकिन इस बार वजह उनके बयान पर बने मीम्स हैं. मछली खाने को लेकर दिए गए उनके बयान ने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है, जहां लोग मजेदार तरीके से उनकी बातों को शेयर कर रहे हैं. अब मनोज ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने बताया कि वो मछली नहीं खाते और न ही उन्होंने खाई थी.
मनोज ने खाई मछली?
मनोज तिवारी ने हाल ही में कहा कि वो खुद मछली नहीं खाते, लेकिन जो खाते हैं उनका विरोध भी नहीं करते. न्यूज पिंच से बातचीत में उन्होंने भारत की विविधता पर जोर देते हुए कहा कि अलग-अलग राज्यों में खान-पान और परंपराएं अलग होती हैं, जिन्हें समझना जरूरी है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के ब्राह्मण भी मछली खाते हैं, और बिहार के मैथिली ब्राह्मणों में भी यह परंपरा धार्मिक रूप से जुड़ी है.
उन्होंने साफ किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है. मनोज ने कहा कि- अगर हम नहीं खाते, तो इसका मतलब ये नहीं कि हम दूसरों को भी रोकें.
मनोज ने बताई- ममता की साजिश
मनोज ने सफाई देते हुए कहा कि- देखो, मैंने तो मछली नहीं खाई है. लेकिन इसका इशू क्यों बना? ये बड़ा सवाल है. हम तो खाए नहीं लेकिन इसके बारे में बातें कर रहे हैं. और खुलेआम कर रहे हैं. इसके बाद मनोज ने रिक्वेस्ट करते हुए कहा कि- कृप्या कोई कंफ्यूज न हो. चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि ममता जी ने कहा कि बीजेपी बंगाल में आएगी तो मछली बंद करा देगी. मछली मुद्दा बन गया है बंगाल में. ये बहुत बड़ी साजिश की उन्होंने. तो हमें उस साजिश को तोड़ने के लिए इस पर बात करनी पड़ी.
मनोज के केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की भी फोटो वायरल हुई थी हालांकि वायरल हुई फोटोज को AI जेनरेटेड बताया गया. वहीं एक्टर-पॉलिटीशियन रवि किशन ने कहा कि हम अलग-अलग तरह की मछली लाकर बंगाल के तालाब में छोड़ देंगे.
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का चुनाव होने वाला है. इससे पहले 142 सीटों के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने जोरदार प्रचार किया. BJP की ओर से जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा संभाला, तो वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी और सेकेंड-इन-कमांड अभिषेक बनर्जी ने पदयात्रा और रैलियां कीं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क