'हम भारतीय हैं हमें चाइनीज मत कहो', बोलीं 'गिलिथिग्रीम्स' बैंड की सिंगर्स, नॉर्थ ईस्ट से निकलकर बनाई पहचान

अरुणाचल प्रदेश से निकलकर देशभर में अपने म्यूजिक से गर्दा उड़ाने वाली ऑल-गर्ल पॉप बैंड गिलिथिग्रीम्स ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में अपनी धांसू परफॉर्मेंस से समा बांध दिया. सिंगर्स ने अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति, म्यूजिक और होने वाली ट्रोलिंग पर भी बात की.

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गिलिथिग्रीम्स बैंड ने दी धमाकेदार परफॉर्मेंस ( Hardik Chhabra/India Today) गिलिथिग्रीम्स बैंड ने दी धमाकेदार परफॉर्मेंस ( Hardik Chhabra/India Today)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:16 PM IST

'देश की छोरियां छोरों से कम हैं के... इस बात को अरुणाचल प्रदेश की फीमेल म्यूजिक बैंड गिलिथिग्रीम्स की टैलेंटेड सिंगर्स ने सच साबित कर दिखाया है. इस ऑल गर्ल्स बैंड ने अरुणाचल प्रदेश से निकलकर देशभर में अपने म्यूजिक के जरिए खास पहचान बना ली है. अब इस गर्ल पॉप बैंड ने दिल्ली में आयोजित 'इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026' के कार्यक्रम में शिकरत की और अपनी धमाकेदार परफॉर्मेंस से खूब रंग जमाया. उन्होंने उत्तर-पूर्वी भारत (नॉर्थ ईस्ट) की संस्कृति पर भी बात की. 

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 इंस्पायरिंग है इस फीमेल बैंड की जर्नी

'गिलिथिग्रीम्स' बैंड से पूछा गया कि अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर से शुरुआत करके नेशनल प्ले लिस्ट में जगह बनाने की जर्नी कैसे तय की? इसपर उन्होंने कहा- पहले तो नॉर्थ ईस्ट के बारे में लोगों को ज्यादा मालूम नहीं होता था. मगर अब इंटरनेट की वजह से मालूम चल रहा है. नॉर्थ ईस्ट का कल्चर, म्यूजिक, डांस सभी के बारे में लोग जान रहे हैं. 

गर्ल बैंड की कामयाब बनाने के अपने मंत्रा पर बोलीं- हमेशा कंसिस्टेंट रहने के साथ हार्ड वर्क करना जरूरी होता है. सबके साथ मिलकर काम करना जरूरी है. ट्रेंडिंग हमेशा बदलता रहता है, लेकिन म्यूजिक के लिए प्यार कभी नहीं बदलता. हम लोग हमेशा साथ मिलकर गाना बनाते रहेंगे, चाहे ट्रेंडिंग हो या ना हो. जब तक जान है तब तक म्यूजिक बनाते रहेंगे, चाहें कोई आगे जाए या कोई ट्रेंड करे. 

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इन वजहों से होती है ट्रोलिंग
गिलिथिग्रीम्स बैंड की टैलेंटेड सिंगर्स ने ये भी बताया कि उनके म्यूजिक को लेकर नॉर्थ ईस्ट के लोग ज्यादा ओपन नहीं है. लेकिन अब धीरे-धीरे लोग उनके म्यूजिक को एक्सेप्ट कर रहे हैं. मगर अभी उनके फ्यूजन म्यूजिक को लेकर नॉर्थईस्ट के लोग उतने ज्यादा ओपन नहीं हो पा रहे हैं.सिंगर्स ने बताया कि उन्हें अक्सर बॉडीशेमिंग का भी सामना करना पड़ता है. हिंदी की प्रोनाउनसेशन को लेकर भी ट्रोल किया जाता है. 


K-Pop को क्या कॉपी?
नॉर्थ ईस्ट की संस्कृति पर बात करते हुए सिंगर्स बोलीं- हम लोगों का म्यूजिक और डांस कई सालों से हमारे चलता आ रहा है, क्योंकि ये हमारे कल्चर में ही है. वहीं, K-Pop को कॉपी करने के सवाल पर सिंगर्स ने कहा- के-पॉप के कल्चर को हम फॉलो नहीं करते हैं. उनके कल्चर से इंफ्लुएंस होकर हम अपनी खुद की लैंग्वेज में मिक्स करके म्यूजिक बनाते हैं. हमारा ग्रुप बनाने का मकसद भी यही था, क्योंकि मॉडर्नाइजेशन की वजह से लोग अपनी मातृभाषा भूल रहे हैं. इसलिए उसे जिंदा रखने के लिए हमने ये शुरुआत की है. 

'ईस्ट के लोगों को इंडियन्स समझें'

नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ गलत बर्ताव होने पर भी सिंगर्स ने अपनी राय खुलकर सामने रखी. उन्होंने कहा- बुरा लगता है. हम लोग भी सोचते हैं कि क्या कर सकते हैं. नॉर्थ ईस्ट के लोगों को इंडियन्स समझकर ही एक्सेप्ट करना चाहिए.  हम विदेशी नहीं हैं. हमारे लुक्स अलग हैं तो इसका मतलब ये नहीं है कि हम इंडियन्स नहीं हैं. हम इंडिया के बहुत महत्वपूर्ण हिस्से से आते हैं. 

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'कुछ लोगों को पता होता है कि हम इंडियन्स हैं लेकिन वो उकसाने के लिए हमें चाइनीज बोलते हैं, क्योंकि हमारी आंखें छोटी हैं. हाइट कम है तो ऐसा मत करो. लुक्स के पर ऊपर बोल लो, लेकिन हमें चाइनीज या फॉर्नर मत बोलो. हम इंडिया का पार्ट हैं. बिहार के लोगों को भी बिहारी बोला जाता है. रेसिज्म तो चलता ही है, लेकिन नॉर्थ ईस्ट के लोगों को ज्यादा बोला जाता है.'

बता दें कि गिलिथिग्रीम्स, अरुणाचल प्रदेश का पहला ऑल-गर्ल पॉप बैंड है. बैंड में सिर्फ लड़किया हैं, इसके नाम गिलिथिग्रीम्स का मतलब है- 'बड़े सपने देखने वाली लड़कियां'. ये ग्रुप अपनी दमदार परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता है और अब धीरे-धीरे पूरे देश में जादू बिखेर रहा है. 

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