कहीं दूर, सुनसान किले के आसपास, एक सीजीआई हेलीकॉप्टर से गोलियों की बौछार हो रही है....लक्ष्य है उस दौड़ते हुए शख्स को मारना, जो जमीन पर हो रहे ब्लास्ट से बचने की कोशिश में है. हिंदी फिल्मों में तो ऐसे सीन आपको कई बार देखने को मिले होंगे, जहां हीरो पर लगातार गोलियों की बरसात हो रही है, लेकिन वो धुएं के गुबार में से निकल कर खुद को ही नहीं बल्कि बाकी फंसे लोगों को भी बचा लेता है. लेकिन यहां हम बात फिलहाल भारतीय फिल्मों की नहीं पाकिस्तानी फिल्म की कर रहे हैं. पाकिस्तान की पहली फुल पैक्ड एक्शन फिल्म कही जाने वाली कॉम्बैटिवो का ट्रेलर तो आपने देखा ही होगा. यू-ट्यूब पर इस फिल्म का ट्रेलर एक मिलियन व्यूज का रिकॉर्ड पार कर चुका है.
कॉम्बैटिवो की खासियत
इस दो मिनट के ट्रेलर को जिसने भी देखा उसे कुछ याद रखने वाले सीन जरूर मिल गए. जहां हीरो Stallone’s के Rambo जैसे आतंकवादियों को मार गिराता है. Schwarzenegger के कमांडो जैसे मिसाइल लॉन्चर के साथ एक हेलीकॉप्टर निकालता है, और यहां तक कि Van Damme’s के किकबॉक्सर की तरह एक जिमनास्टिक स्पलिट भी करता है. इस वीडियो में कहीं-कहीं पर हीरो katana-wielding ninja के मूव्स भी शो करता है.
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कॉम्बैटिवो फिल्म क्या है?
सिनेमा को समझने के लिए वैचारिक दृष्टिकोण में आने से पहले, किसी को कॉम्बैटिवो के बारे में कुछ और बातें समझ लेनी चाहिए. शाजेल सैयद की लिखित, निर्देशित और निर्मित, कॉम्बैटिवो एक पाकिस्तानी एक्शन फ्लिक है जो देश में अगस्त में रिलीज़ के लिए तैयार है. सैयद ने अहमद अली के लीड कैरेक्टर को भी निभाया है, जिसका नाम कॉम्बैटिवो है. शाजेल सैयद ने ही इस फिल्म के स्टंट वर्क को कोरियोग्राफ किया है. कॉम्बैटिवो स्पेनिश वर्ड से प्रभावित है जिसका मतलब योद्धा होता है.
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जैसा कि ट्रेलर से पता चलता है, कॉम्बैटिवो की कहानी रुस्तम ग्रुप नामक एक उग्रवादी संगठन के खिलाफ अहमद अली के युद्ध के इर्द-गिर्द घूमती है. 'आतंकवाद विरोधी बल' के एक पूर्व सदस्य, अली अब एक व्यक्ति की सेना के रूप में कार्य करता है, जो रुस्तम जैसे अपराधियों पर अपना शासन चाहता है. रमोना एक भावुक पत्रकार हैं जो मुश्किल में फंसी है. रमोना आतंकवादियों को मार गिराना चाहती है, लेकिन उसका अपहरण कर लिया जाता है. अब, यह हीरो पर निर्भर है कि वो उसे और पूरे पाकिस्तान को अपराधियों के चंगुल से कैसे बचाएगा.
सुनने में कॉम्बैटिवो फिल्म जानी पहचानी-सी लगती है, क्योंकि ऐसी फिल्में भारत में या हॉलीवुड में आमतौर पर बनती रहती है, लेकिन इस बार ऐसी फिल्म पाकिस्तान में बनी है और यही बात इस फिल्म को सबसे अलग करती है. इस फिल्म की टीम ने दावा किया है कि इससे पहले पाकिस्तान में कभी मार्शल आर्ट्स को लेकर कोई फिल्म नहीं बनी है, तो देखना दिलचस्प होगा कि इस फिल्म को पाकिस्तान की आवाम से कैसा रिस्पॉन्स मिलता है.
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