सियोल के छोटे से स्टूडियो से शुरू हुआ सफर आज दुनिया भर के भरे हुए स्टेडियम्स तक पहुंच चुका है. BTS आज सिर्फ एक बैंड नहीं, बल्कि ग्लोबल पॉप कल्चर की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है. लेकिन इस कहानी के पीछे एक ऐसा नाम है जो कैमरे से दूर रहकर भी हर धुन में मौजूद है Pdogg (कांग ह्ये-वॉन).
करीब दो दशकों से BTS के साथ जुड़े कांग ह्ये-वॉन ने आरएम, जिन, सुगा, जे-होप, जिमिन, वी और जंग कूक के साथ मिलकर उस साउंड को गढ़ा है, जिसने दुनिया भर के म्यूजिक ट्रेंड्स को बदल दिया. हाइबे के चेयरमैन बैंग सी-ह्युक के साथ उनकी साझेदारी ने BTS को 'नो मोर ड्रीम' से 'डायनामाइट' और अब 'अरिरंग' तक एक अलग पहचान दी है.
अब सैन्य सेवा के बाद BTS एक नए फेज “BTS 2.0” में एंट्री कर चुका है. इसी बीच इंडिया टुडे/आज तक से खास बातचीत में कांग ह्ये-वॉन ने अरिरंग के पीछे की कहानी, ग्रुप के बदलते साउंड और ग्रेमी की रेस पर खुलकर बात की.
कांग ह्ये-वॉन के मुताबिक, BTS के हर सदस्य के सोलो प्रोजेक्ट्स ने ग्रुप की दिशा को काफी हद तक बदला है. उन्होंने कहा, अब हर सदस्य को अपनी म्यूजिकल पहचान ज्यादा साफ समझ में आती है. उनकी आवाज और एक्सप्रेशन दोनों में गहराई आई है. हालांकि, ये बदलाव अपने साथ चुनौतियां भी लाया है. सात अलग-अलग आवाजों और कहानियों को एक गाने में लाना आसान नहीं था. हमें काफी ट्रायल और रुकावटों से गुजरना पड़ा.
अरिरंग: परंपरा और आधुनिकता का मेल
नया एल्बम अरिरंग अपने नाम और साउंड दोनों के चलते चर्चा में है. कांग ह्ये-वॉन ने बताया, हमने शुरुआत में इसे पारंपरिक गाने की तरह नहीं देखा. हमने इसे नए तरीके से एक्सप्लोर किया. सैंपलिंग से लेकर लाइव इंस्ट्रूमेंटेशन तक. उनके मुताबिक, टीम ने किसी दबाव में नहीं, बल्कि बातचीत और प्रयोग के जरिए इसका सही संतुलन खोजा.
एल्बम का टाइटल ट्रैक स्विम फैंस के बीच बहस का विषय बना हुआ है. इस पर कांग ह्ये-वॉन कहते हैं, यह गाना हर किसी को तुरंत समझ में आने वाला नहीं है, लेकिन यह BTS की मौजूदा दिशा को सबसे ईमानदारी से दिखाता है. उनके अनुसार, टाइटल ट्रैक का काम सिर्फ हिट होना नहीं, बल्कि ग्रुप की पहचान को दर्शाना होता है.
BTS 2.0: ज्यादा ओपन है
क्या BTS अब पहले से ज्यादा लोकतांत्रिक हो गया है? कांग ह्ये-वॉन मानते हैं कि इस बार प्रक्रिया में सदस्यों की भागीदारी ज्यादा रही. वो कहते हैं कि हर सदस्य के आइडियाज को जगह मिली है. इसलिए ये एल्बम ज्यादा ओपन लगता है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि यह पूरी तरह बदलाव नहीं, बल्कि BTS की यात्रा का अगला कदम है.
डिप्लो, एल गिन्चो और केविन पार्कर जैसे इंटरनेशनल प्रोड्यूसर्स के साथ काम करने के बावजूद अरिरंग अपनी कोरियाई पहचान बनाए रखता है. कांग ह्ये-वॉन के मुताबिक, ऑथेंटिसिटी इस बात से तय होती है कि कलाकार अपने विचारों को कितनी सच्चाई से पेश करते हैं.
सोलो प्रोजेक्ट्स के बाद हर सदस्य का स्टाइल अलग हो चुका है, लेकिन कांग ह्ये-वॉन इसे चुनौती नहीं मानते. उन्होंने कहा कि यह हमारी ताकत है. इससे ग्रुप का दायरा और बढ़ता है. उन्होंने खास तौर पर वी और जिन की तारीफ करते हुए कहा कि इस एल्बम में दोनों के वोकल्स में बड़ा बदलाव देखने को मिला है.
क्रिएटिव प्रोसेस में मतभेद होना आम बात है. वो कहते हैं कि हम बातचीत के जरिए उस रास्ते तक पहुंचते हैं, जो गाने के लिए सबसे सही हो.
ग्रेमी: लक्ष्य नहीं, लेकिन नजर जरूर
ग्रेमी को लेकर कांग ह्ये-वॉन का नजरिया साफ है. वो बताते हैं कि यह हमारा लक्ष्य नहीं है, लेकिन अगर काम अच्छा होगा, तो यह अपने आप आएगा. करीब 20 साल के इस सफर में कांग ह्ये-वॉन का म्यूजिक को देखने का नजरिया भी बदला है. उन्होंने कहा कि पहले मैं नतीजों पर ज्यादा ध्यान देता था, अब प्रोसेस ज्यादा अहम लगती है.
अरिरंग में कुल 14 गाने हैं, जिनमें से 11 पर Pdogg का प्रोडक्शन है. यह BTS का करीब 4 साल बाद पहला फुल एल्बम है और पहले से ही ग्रेमी के लिए मजबूत दावेदार माना जा रहा है. वर्ल्ड टूर 2027 तक जारी रहेगा.
भावना अग्रवाल