धुरंधर 2 में क्यों नहीं था 'शरारत' जैसा आइटम सॉन्ग? कोरियोग्राफर ने दिया जवाब

आदित्य धर की फिल्म धुरंधर के पहले पार्ट में शरारत जैसा चार्टबस्टर गाना था. लोगों को उम्मीद थी कि पार्ट 2 में भी ऐसा ही कुछ होगा लेकिन फिल्म में ऐसा गाना नहीं था. अब इस पर फिल्म के कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने चुप्पी तोड़ी है.

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धुरंधर 2 में क्यों नहीं था शरारत जैसा गाना? (Photo:x/@jiostudios) धुरंधर 2 में क्यों नहीं था शरारत जैसा गाना? (Photo:x/@jiostudios)

अनिता

  • नई दिल्ली,
  • 26 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:08 AM IST

कोरियोग्राफर विजय गांगुली अभी भी धुरंधर की सफलता का आनंद ले रहे हैं, लेकिन जब बात 'धुरंधर: द रिवेंज' की आती है, तो उनका मानना ​​है कि इसमें हमेशा कहानी पर ज्यादा ध्यान दिया गया, न कि सिर्फ तड़क-भड़क पर. इंडिया टुडे के साथ खास बातचीत में, उन्होंने फिल्म के असर, 'शरारत' जैसा कोई चार्टबस्टर गाना न होने की वजह के बारे में बात की.

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इस फ़्रैंचाइजी से काफी करीब से जुड़े होने के नाते, गांगुली ने माना कि पहली बार फिल्म देखते समय उन्हें इससे एक जुड़ाव महसूस हुआ था, लेकिन वह एहसास जल्द ही खत्म हो गया. 

इंडिया टुडे से खास बातचीत में गांगुली ने कहा, 'मुझे यह फिल्म बहुत पसंद आई, क्योंकि आप जानते ही हैं कि जब आप किसी फिल्म का हिस्सा होते हैं, तो आपके मन में उसके लिए कुछ खास लगाव या पक्षपात होता ही है. लेकिन जब मैंने यह फिल्म देखना शुरू किया, तो कुछ समय बाद मेरा वह पक्षपात खत्म हो गया, और मैं बस एक दर्शक की तरह फिल्म का मजा ले रहा था. उसके बाद मैं इसे देखने के लिए थिएटर भी गया. और मैंने देखा कि लोग वहां चार घंटे तक बिना हिले-डुले बैठे रहे, किसी का ध्यान अपने फोन की तरफ नहीं गया; यह देखना अपने आप में एक शानदार अनुभव था.'

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शरारत जैसे गाने पर दिया रिएक्शन
जहां एक तरफ धुरंधर पार्ट 1 में 'शरारत' गाने को जबरदस्त सफलता मिली थी, वहीं दूसरी तरफ दर्शकों को इसके सीक्वल में उस तरह के किसी जोशीले और जश्न भरे गाने की कमी साफ तौर पर खली. गांगुली ने दर्शकों की इस प्रतिक्रिया को स्वीकार किया, लेकिन साथ ही यह भी समझाया कि फिल्म में ऐसे गाने का न होना, कहानी की जरूरत के हिसाब से लिया गया फैसला था.

उन्होंने कहा, 'बहुत से लोगों ने मुझसे कहा, 'शरारत जैसा कोई गाना क्यों नहीं है?’ लेकिन शुरू में जब इस फिल्म की योजना बनी थी, तो इसे एक ही फिल्म के तौर पर प्लान किया गया था. सारे गाने पहले हाफ में होने थे, और दूसरा हाफ पूरी तरह से बदले और जो आप अब देख रहे हैं, उसके बारे में था. तो दूसरा हिस्सा पहले से ही प्लान था और उसमें, अगर आप फिल्म देखें, तो उस तरह के गाने के लिए कोई गुंजाइश नहीं थी. उसमें एक जश्न था क्योंकि उसकी शादी हो रही थी, और एक ऐसा पल था, जहां हम जश्न मना सकते थे.' 

'पार्ट 2 में अगर आप फिल्म शुरू होने के पहले मिनट से लेकर फिल्म खत्म होने तक देखें, तो जश्न की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि इसमें बहुत कुछ हो रहा है और जिस मिनट आप कोई भी गाना डाल देते हैं, तो वह कभी काम नहीं करता. मेरा मानना ​​है कि अगर गाना स्क्रिप्ट में नहीं लिखा गया है और वह सिर्फ प्रमोशन के लिए है, तो वह कभी काम नहीं करता.'

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उन्होंने आगे बताया कि 'शरारत' इतना सफल क्यों रहा. 'यहां तक कि शरारत भी, इसलिए सफल रहा क्योंकि वह फिल्म का एक हिस्सा था. आपको ऐसा नहीं लगेगा कि, ठीक है, गाना शुरू हुआ, अब गाना खत्म हो गया, अब कहानी आगे बढ़ रही है. गाने में बहुत कुछ हो रहा था—वह कहानी का एक हिस्सा था. इसलिए वह सफल रहा और पार्ट 2 में कोई गुंजाइश नहीं थी. मुझे खुशी है कि कोई गाना नहीं था क्योंकि अगर हमने ऐसा किया भी होता, तो मुझे लगता है कि लोग मुझसे पूछते कि मैंने वह गाना क्यों किया?'

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