मां की गोद में सिर रखकर रोए विवेक ओबेरॉय, पूछा सवाल- मेरे साथ ही ऐसा क्यों?

बॉलीवुड एक्टर विवेक ओबेरॉय ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक इमोशनल नोट शेयर किया. एक्टर ने उस समय के बारे में बात की जब वह पूरी तरह से टूट गए थे. जानिए उन्होंने क्या लिखा.

Advertisement
जब टूट गए विवेक ओबेरॉय (Photo: x/@vivekoberoi) जब टूट गए विवेक ओबेरॉय (Photo: x/@vivekoberoi)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 8:30 PM IST

बॉलीवुड के फेमस एक्टर विवेक ओबेरॉय ने अपनी मां के लिए एक दिल छू लेने वाली पोस्ट की. इस पोस्ट में एक्टर ने अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर को याद किया. उन्होंने यह भी बताया कि कैसे उस मुश्किल घड़ी में वह पूरी तरह टूट गए थे, लेकिन अपनी मां की मौजूदगी में उन्हें फिर से हिम्मत मिली.

अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक इमोशनल नोट शेयर करते हुए, एक्टर ने उस समय के बारे में बात की जब वह खुद को पूरी तरह से टूटा हुआ महसूस कर रहे थे. उन्होंने यह भी लिखा कि कैसे, दुनिया के सामने हिम्मत दिखाने की कोशिश करने के बावजूद, वह अंदर से बहुत ज्यादा परेशान थे.

Advertisement

विवेक ओबेरॉय ने क्या लिखा?
अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर विवेक ओबेरॉय ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा, 'मुझे सालों पहले का एक समय याद है, जब मेरी जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर चल रहा था. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे दीवारें मुझ पर गिर रही है. दुनिया के सामने मैं अब भी हिम्मत दिखाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अंदर से मैं पूरी तरह टूट चुका था.'

उन्होंने आगे कहा, 'और पूरी तरह से थक हार जाने के उस पल में, मैंने वही किया जो मैं हमेशा से करता आया हूं. मैं अपनी मां के पास गया. मैं जमीन पर बैठ गया, एक छोटे बच्चे की तरह अपना सिर उनकी गोद में रख दिया, और बस रोता रहा. मैंने उनसे वही सवाल पूछा जो हम सभी तब पूछते हैं जब जिंदगी हमें अनफेयर लगती है: 'मां, मेरे साथ ही ऐसा क्यों? मेरे साथ ही यह सब क्यों हो रहा है?'

Advertisement

एक्टर ने आगे लिखा, 'उन्होंने मुझे कोई घिसी-पिटी बातें या हमदर्दी नहीं दिखाई. उन्होंने बस प्यार से मेरे बालों पर हाथ फेरा और पूछा, 'बेटा, जब तुम इतने सारे अवॉर्ड जीत रहे थे, तब तुमने कभी यह नहीं पूछा कि 'मेरे साथ ही ऐसा क्यों?' जब लाखों लोग तुम्हारे नाम के नारे लगा रहे थे, तब तुमने यह सवाल क्यों नहीं पूछा?'

'उस एक सीधे-सादे सवाल के जरिए, उन्होंने मेरे अंदर के 'एक्टर' और 'स्टार' को हटाकर, सीधे अपने बेटे से बात की, जिसने मेरी रूह को छू लिया. यही तो एक मां का जादू होता है. वह अकेली ऐसी इंसान होती हैं जो तुम्हारी सबसे गहरी कमजोरियों को भी देख सकती हैं और उन्हीं कमजोरियों को तुम्हारी ताकत बनाने में तुम्हारी मदद कर सकती हैं.'

विवेक ओबेरॉय ने लिखा, 'एक बहुत प्यारी जापानी कहावत है कि हम सभी के तीन चेहरे होते हैं. पहला चेहरा, जो हम दुनिया को दिखाते हैं. दूसरा चेहरा, जो हम अपने करीबी दोस्तों और परिवार वालों को दिखाते हैं. लेकिन तीसरा चेहरा, जो हमारी असलियत का सबसे सच्चा आईना होता है, वह हम किसी को भी नहीं दिखाते. सिवाय, शायद, हमारी मां के. मदर्स डे की शुभकामनाएं.'

बता दें कि विवेक ओबेरॉय ने फिल्म 'कंपनी' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, और अपने अभिनय के लिए उन्हें काफी तारीफ मिली थी. इसके बाद उन्होंने 'साथिया', 'युवा' और कई अन्य फिल्मों में अपनी एक्टिंग से शानदार काम किया. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement