तंगी में गुजरे दिग्गज कंपोजर वनराज के आखिरी साल, बीमारी का इलाज कराने के नहीं थे पैसे

वनराज मुंबई स्थित घर में अकेले रहते थे. एक नौकर उनके साथ रहता था. वो लंबे समय से उनके साथ था. उन्होंने फाइनेंशियल क्राइसिस झेला. एक वक्त तो ऐसा आया कि उन्हें घर का सामान सेल में लगाना पड़ा.

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वनराज भाटिया (फोटो क्रेडिटः गेट्टी इमेज) वनराज भाटिया (फोटो क्रेडिटः गेट्टी इमेज)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 मई 2021,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST

जाने भी दो यारों, भारत एक खोज, तमस जैसे शो और फिल्मों का म्यूजिक कंपोज करने वाले दिग्गज कंपोजर वनराज भाटिया का निधन हो गया है. उनके निधन से संगीत इंडस्ट्री में शोक की लहर है. उनकी उम्र 93 थी और वो उम्र संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे. नेशनल अवॉर्ड और पद्मश्री पाने वाले म्यूजिक डायरेक्टर जिन्होंने एक समय में खूब नेम-फेम देखा अपने आखिरी के समय में बहुत अकेले और पैसों की तंगी से जूझ रहे थे. 

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वनराज मुंबई स्थित घर में अकेले रहते थे. बस एक नौकर लंबे समय से उनके साथ था. वनराज ने फाइनेंशियल क्राइसिस झेला. एक वक्त तो ऐसा आया कि उन्हें घर का सामान सेल में लगाना पड़ा. वो मेडिकल चेकअप का खर्चा तक नहीं उठा सकते थे.

कबीर बेदी ने किया था ये ट्वीट

वनराज के बिगड़े हाल को देखते हुए एक्टर कबीर बेदी उनकी मदद को आगे आए थे. कबीर ने ट्वीट कर लिखा था- ''मैं वनराज जी से मिलने गया. वह हमेशा की तरह जिंदगी और जोश से भरे हुए थे. लेकिन हां, हर दोस्त को उन्हें इस मुश्किल वक्त में मदद करनी चाहिए.  उन्होंने अकेले अपने दम पर गिरीश कर्नाड के प्ले के लिए ओपेरा कंपोज किया था."  बता दें कि वनराज भाटिया के दोस्तों और प्रशंसकों ने उनके मेडिकल खर्च के लिए चंदा दिया था.

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वनराज के काम की बात करें  70s,80s और 90s में एडवर्टाइजिंग जिंगल कंपोज किए. उन्होंने श्याम बेनेगल की फिल्म्स के म्यूजिक के लिए जाना जाता है.

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उन्होंने शम्मी कपूर की फिल्म दिल देके देखो से म्यूजिक की शुरुआत की. उनकी आखिरी फिल्म 2000 में सरदारी बेगम और हरी भरी थी. उन्होंने अमिताभ की फिल्म अजूबा के लिए भी म्यूजिक बनाया था.
 

 

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