बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू जल्द ही अस्सी फिल्म में नजर आने वाली हैं. फिल्म 20 फरवरी को रिलीज होने वाली है. इसमें तापसी एक वकील के किरदार में नजर आएंगी जो महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाती हैं. साहित्य आजतक 2026 इवेंट में तापसी ने अपनी फिल्म चॉइस को लेकर बात की. तापसी ने बताया कि क्यों वो कंवेशनल हीरोइन वाले किरदार नहीं करती हैं.
तापसी ने एक्सक्लुसिव बातचीत में जिक्र किया कि वो हटके रोल्स करना कितना पसंद करती हैं, लेकिन इसका उनपर बुरा असर भी होता है. वो उन किरदारों के असर से खुद को पूरी तरह जुदा नहीं कर पाती हैं.
क्यों खुद को मुश्किल में डालती हैं तापसी?
तापसी बोलीं- मैं ट्रेंड के साथ चलने के बजाए अपने आप को हमेशा मुश्किल में डाला है. क्योंकि इसमें जो मजा है ना, इसकी सक्सेस में जो मिठास होती है वो कुछ और ही होती है.
'मेरे लिए कभी फॉर्मुला ने काम नहीं किया. मैंने साउथ फिल्मों से शुरुआत की थी. वहां मैंने किया बड़ी-बड़ी फिल्मों में काम, नाच-गाना, बड़े-बड़े सेट लगे हैं. वो सारी बड़ी फिल्में मेरी नहीं चलीं. जब मुझे लगा कि कुछ हटके करना है, हटके रोल हो, कहानी हो, सिर्फ वही फिल्में मेरे साथ चली हैं. मेरे लिए वो कंवेशनल वाला रोड हमेशा ब्लॉक ही रहा है.'
दिलों-दिमाग पर पड़ा असर
तापसी ने आगे कहा कि- ये मेरे दो धारी तलवार जैसा है. कभी लगता है कि चलो इतने सालों में कोई इमेज तो कमाई. कितनी एक्ट्रेसेज होती हैं जो आती हैं चली जाती हैं. उनकी कोई एक इमेज या रिकॉल वैल्यू नहीं होती है. मैं इसी बात से खुश हूं कि मेरे लिए कोई तो रिकॉल वैल्यू है कि तापसी इस तरह के रोल करती हैं.
'लेकिन बुरा ये लगता है कि जो मेरे दिमाग का दही होता है हर फिल्म के बाद. उससे मुझे उबरने में समय लगता है. क्योंकि मैं ट्रेंड एक्टर नहीं हूं तो मेरे दिमाग-दिल का कुछ हिस्सा वहां रह जाता है, मेरे अंदर बहुत कुछ बदल जाता है, जो वापस कभी पहले की तरह रिसेट नहीं होता है.'
रो पड़ती हैं तापसी-बदल जाता है वॉर्डरोब
तापसी ने आगे बताया कि उन किरदारों का असर इस कदर होता है कि वो बात-बात पर रो पड़ती हैं. तापसी बोलीं कि कंवेशनल फिल्मों में काम करके वो इरिटेट हो जाती हैं, सेट पर लगता था कि वो वहां क्यों हैं. सिर्फ इसलिए क्योंकि फिल्म में एक लड़की चाहिए.
तापसी ने कहा- पिंक में मेरा विक्टिम का किरदार था. तो वो करते हुए मेरे अंदर का कुछ छूट गया पीछे. 10-12 घंटों की शिफ्ट होती है, लगभग 30-35 दिन तक. तो उसमें लगातार आपको ये सोचना पड़ता है कि आपके साथ ये हुआ है. मैं कभी उनसे कभी खुद कम्पेयर नहीं कर सकती, जिनके साथ मोलेस्टेशन हुआ है. लेकिन 30-35 दिन अगर आप अपने को यही याद करवा रहे हैं कि आपके साथ ऐसा हुआ है. तो मैं उस तरह की गिफ्टेड एक्टर नहीं हूं कि खुद को ऑन-ऑफ कर सकूं.
तो मुझे पिंक के बाद नॉर्मल होने में बहुत वक्त लगा था. मैं भिखारी या रेड लाइट पर खड़ी लड़की तक को देखकर रो पड़ती थी. मैं बहुत इमोशनल हो गई थी. तो मुझे लगे तीन-चार हफ्ते, मैं चली गई थी बाहर फिर नॉर्मल होकर वापस आई. तरीका मेरा यही है कि मैं थोड़े हफ्ते के लिए डिस्कनेक्ट हो जाती हूं. लेकिन आप पहले जैसे वापस नहीं हो पाते हैं. मेरा वॉर्डरोब तक बदल जाता है, आप यकीन नहीं मानेंगे. एक किरदार निभाने का इस हद तक असर पड़ता है.
अपनी आने वाली फिल्म अस्सी पर बात करते हुए तापसी ने बताया कि उन्होंने पिंक फिल्म को जहां छोड़ा था वहीं से अस्सी को उठाया गया है. अनुभव सिन्हा के साथ वो तीसरी फिल्म में काम कर रही हैं, जिसका एक्सपीरियंस उनके लिए बेहतरीन है. तापसी मानती हैं कि उनकी और अनुभव की आईडियोलॉजी मिलती है.
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