अभिनेता शरद केलकर की इमेज फैंस के बीच फैमिली मैन की रही है. हालांकि कई फिल्मों में शरद निगेटिव किरदार में भी नजर आ चुके हैं लेकिन ऑपरेशन रोमियो को वो अपनी लाइफ की सबसे टफ फिल्म मानते हैं. इस फिल्म में शरद निगेटिव किरदार में नजर आ रहे हैं.
फिल्म की रिलीज को लेकर उत्साहित शरद बताते हैं कि तान्हाजी के बाद लगभग दो साल बाद उनकी कोई फिल्म थिएटर में आ रही है. वो कहते हैं- मैं तो सुपर एक्साइटेड हूं. बतौर एक्टर मैं मानता हूं कि बड़े पर्दे पर फिल्म देखने का जो मजा है, वो कहीं संभव ही नहीं है. यह कहानी बहुत ही दिलचस्प है. हर कोई इससे रिलेट कर सकता है. कहानी बहुत अच्छे से पिरोयी है. एक एक्टर के लिए इस किरदार में परफॉर्म करने के लिए बहुत स्कोप है.
शूटिंग के दौरान अंदर से अजीब महसूस कर रहा था
अपने किरदार के बारे में शरद बताते हैं, मैं मैथड एक्टिंग जैसी चीजों पर विश्वास नहीं रखता हूं. मैं जब यह फिल्म कर रहा था, तो काफी परेशान था. सीन्स काफी इंटेंस थे. पूरी शूटिंग रात के वक्त हुई है. मेंटली मैं काफी डिस्टर्ब हो गया था. हालांकि इतनी फिल्में की हैं लेकिन इसने मुझे निचोड़ दिया था. मैंने अपनी पत्नी से कहा भी कि यार मुझे ये किरदार अच्छा नहीं लग रहा है. मैं अंदर से बहुत अजीब महसूस कर रहा हूं. मैं ऐसा असल जिंदगी में नहीं हूं. मैं इतना परेशान हो गया कि नीरज पांडेय जी को कॉल कर कह दिया कि मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि आखिर मेरे साथ क्या हुआ है. मैं मिलना चाहता हूं. वो मिले और जब मुझे सुना, तो कहते हैं ये अगर सच में महसूस कर रहे हो, तो तुम अपने किरदार के साथ पूरी तरह न्याय कर रहे हो. बेफिक्र रहो.
दर्शक चप्पल से मारेंगे मुझे
फिल्म के डायलॉग्स के बारे में शरद कहते हैं कि फिल्म में ऐसे कई डायलॉग्स हैं, जिन्हें उनके मुंह से सुन महिलाएं नफरत करने लगेंगी. बहुत से डायलॉग्स ऑफेंसिव हैं. वो कहते हैं- आप मेरी स्थिति सोचें, मैं एक पति हूं और 8 साल की बच्ची का पिता हूं. मैं निजी जिंदगी में भी फैमिली मैन किस्म का इंसान रहा हूं. ये किरदार करते हुए मुझे खुद से घिन आने लगी थी. मैं अपने आपसे नफरत करने लगा था. खासकर घर जाकर अपनी वाइफ और बेटी से नजरें नहीं मिला पा रहा था. मेरी जिंदगी में ऐसा पहली बार हो रहा था. मुझे इस बात की श्योरिटी है कि फिल्म देखने के बाद मुझे चप्पल मारेंगे. मेरी इमेज तार-तार हो जाएगी.
नेहा वर्मा