हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'ओ रोमियो' ने बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं किया है. फिल्म की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना भी हुई. ऐसे में बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर ने ऑनलाइन ट्रोलिंग और पब्लिक प्रेशर को लेकर अपना रिएक्शन दिया है.
'द राइट एंगल' के तीसरे सीजन में सोनल कालरा से बात करते हुए शाहिद ने बड़ी बेबाकी से बताया कि एक पब्लिक फिगर होने के नाते उन्हें किस तरह से गुजरना पड़ता है. उन्होंने साफ कर दिया कि वह अब लोगों को खुश करने के लिए नहीं, बल्कि अपनी क्रिएटिव सेटिस्फेक्शन के लिए काम करना पसंद करते हैं.
शाहिद कपूर ने क्या कहा?
शाहिद ने कहा कि एक्टर अक्सर कमजोरी और खुद को बचाने के बीच एक पतली लाइन पर चलते हैं. उन्होंने बताया, 'यह एक मुश्किल सफर है क्योंकि आपको खुलना पड़ता है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना पड़ता है कि आप अपने सिस्टम में क्या और कितना बैठने देते हैं.'
उन्होंने लगातार ऑडियंस को खुश करने के प्रेशर पर सवाल उठाया, और कहा, 'क्या आप हर सुबह उठकर सबको खुश करना चाहते हैं या खुद को?' एक्टर ने जोर देकर कहा कि क्रिएटिव सैटिस्फेक्शन ऑनलाइन वैलिडेशन के बजाय अंदर से आनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'आपको खुद से बार-बार पूछना होगा, क्या मैंने अच्छा समय बिताया? क्या इससे मुझे आगे बढ़ने में मदद मिली? क्या यह मेरी क्रिएटिव एनर्जी का सही रिप्रेजेंटेशन था?'
ट्रोल्स पर बरसे शाहिद
सोशल मीडिया पर बिना पहचान बताए किसी की भी आलोचना करने वालों पर शाहिद जमकर बरसे. उन्होंने कहा, 'आपको बोलने की औकात होनी चाहिए, तभी मुंह खोलना चाहिए. पहले देखो कि आप खुद कितने पानी में हो, फिर बात करो.' शाहिद ने बताया कि उन्हें बचपन से यही सिखाया गया है कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले इंसान को अपनी स्थिति देख लेनी चाहिए. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि वह रचनात्मक सुझावों (Constructive Criticism) का स्वागत करते हैं, लेकिन बिना सिर-पैर की बातों पर ध्यान नहीं देते.
वर्क फ्रंट की बात करें तो हाल ही में उन्हें विशाल भारद्वाज की 'ओ' रोमियो' में तृप्ति डिमरी, तमन्ना भाटिया और अविनाश तिवारी के साथ देखा गया, जहाँ उनकी एक्टिंग की काफी तारीफ हुई. हालांकि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई है.
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