'हमारी सोच में है हिंसा, जड़े महाभारत में हैं', ओ रोमियो पर उठे सवाल, बचाव में बोले विशाल भारद्वाज

विशाल भारद्वाज ने उदाहरण देते हुए कहा कि हम महाभारत जैसी कहानी से जुड़े हैं, जिसमें काफी भयंकर और खुली हिंसा दिखाई गई है. उनके मुताबिक, जब हमारी जड़ें ऐसी कहानियों में हैं, तो फिल्मों में हिंसा दिखाना गलत नहीं है.

Advertisement
महाभारत में भी थी हिंसा- विशाल भारद्वाज (Photo: Instagram @vishalbhardwaj) महाभारत में भी थी हिंसा- विशाल भारद्वाज (Photo: Instagram @vishalbhardwaj)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:11 PM IST

फिल्म मेकर विशाल भारद्वाज की हाल ही में ओ रोमियो रिलीज हुई. फिल्म को दर्शकों ने खूब पसंद किया. ओ रोमियो में जमकर मारधाड़, एक्शन और खून खराबा दिखाया गया है. लेकिन विशाल इसे जस्टिफाइड बताते हैं. वो अपनी फिल्मों में हिंसा को एक कलात्मक अंदाज में दिखाने के लिए जाने जाते हैं. उनकी फिल्में मकबूल और हैदर में भी मार-धाड़ थी, लेकिन मजबूत कहानी की वजह से वो कभी भी जबरदस्ती नहीं लगी.

Advertisement

महाभारत का उदाहरण देकर बच निकले विशाल

विशाल भारद्वाज से जब पूछा गया कि एनिमल, मार्को और धुरंधर जैसी फिल्मों की सफलता बताती है कि आज के दर्शक हिंसा देखने को तैयार हैं. बस कहानी दिलचस्प होनी चाहिए. लेकिन सवाल ये है कि हिंसा की भी कोई हद होती है या नहीं? तो विशाल ने इसे महाभारत से जोड़ दिया. 

उनकी नई फिल्म O’ Romeo में भी काफी हिंसक सीन हैं. इस बारे में विशाल ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर हिंसा से कोई परेशानी नहीं है. उन्होंने ANI से बात करते हुए कहा कि हम ऐसी सभ्यता से आते हैं जिसकी जड़ें महाभारत में हैं. महाभारत में जो हिंसा दिखाई गई है, वो बहुत बड़े स्तर पर और खुलकर दिखाई गई है. उनके हिसाब से हिंसा का ये तत्व हमारे समाज और हमारी सोच का हिस्सा रहा है.

Advertisement

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फिल्मकारों जैसे Wong Kar-wai और Quentin Tarantino का भी जिक्र किया, जो अपनी फिल्मों में अलग और असरदार तरीके से हिंसा दिखाने के लिए जाने जाते हैं. भारद्वाज का कहना है कि कभी-कभी हिंसा भी एक तरह की काव्यात्मक अभिव्यक्ति बन जाती है.

असली लगने चाहिए गैंगस्टर 

विशाल की फिल्म के किरदार गैंगस्टर हैं, इसलिए उनकी दुनिया को असली अंदाज में दिखाना जरूरी है. उनका मानना है कि अगर फिल्में आज के दौर की भाषा और स्टाइल में नहीं बनेंगी, तो वो पुरानी लगने लगेंगी. लेकिन साथ ही फिल्मों में एक खास तरह की खूबसूरती और संतुलन भी होना चाहिए.

उन्होंने ये भी कहा कि जब समाज में पहले से ही एक स्तर की हिंसा मौजूद है, तो उसे पर्दे पर दिखाना गलत नहीं है. अगर फिल्म सिर्फ बड़ों (अडल्ट) के लिए है, तो उसमें ऐसे सीन दिखाए जा सकते हैं.

O’ Romeo में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी लीड रोल में हैं. फिल्म वैलेंटाइन वीक के दौरान रिलीज हुई. इनके अलावा फिल्म में दिशा पाटनी, विक्रांत मैसी, तमन्ना भाटिया, फरीदा जलाल, नाना पाटेकर, अविनाश तिवारी,और राहुल देशपांडे जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement