अपनी कॉमेडी से दर्शकों को हंसाने वाले राजपाल यादव जेल की सलाखों के पीछे हैं. 2010 के चेक बाउंस मामले में एक्टर फंसे हैं. जब 9 करोड़ चुकाने में वो असमर्थ हुए तब उन्हें मजबूरन कोर्ट में सरेंडर करना पड़ा. कई सेलेब्स ने उनकी ओर मदद का हाथ बढ़ाया है. सालों पुराने इस मामले में राजपाल पहले भी जेल की सजा काट चुके हैं.
कितनी बार जेल गए राजपाल?
कर्ज के इसी केस में एक्टर पहले भी दो बार सलाखों के पीछे जा चुके हैं. कई इंटरव्यू में उन्होंने अपने जेल के एक्सपीरियंस को साझा किया था. राजपाल की इस जर्नी को जानने से पहले बताते हैं कब-कब वो जेल गए थे. सबसे पहले एक्टर को 2013 में इसी केस से जुड़े धोखाधड़ी मामले में 10 दिन की जेल हुई थी. वो 4 दिन जेल में रहे थे. कोर्ट में गलत एफिडेविट जमा करने के आरोप में उन्हें सजा मिली थी. कोर्ट का कहना था कि एफिडेविट में गलत जानकारी दी गई है. इसमें पत्नी के फेक साइन होने का दावा था.
फिर 2018 में राजपाल को 3 महीने की जेल हुई थी. लोन ना चुका पाने के आरोप में ये सजा सुनाई गई थी. जानकारी के मुताबिक, अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म 'अता पता लापता' के लिए उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ का लोन लिया था. इसके अलावा एक्टर ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से भी 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था. फिल्म पिटने के बाद राजपाल घाटे में चले गए. न वो मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का पैसा दे पाए और ना ही बैंक की किश्त. बैंक के पैसे ना दे पाने के आरोप में उन्हें 3 महीने जेल हुई थी.
जेल में कैसे कटे थे दिन?
लल्लनटॉप को दिए पुराने इंटरव्यू में राजपाल ने जेल में कटे अपने दिनों का हाल बयां किया था. उनका कहना था कि वो हर कंडीशन में रहना जानते हैं. जेल के अंदर सबका बिहेवियर उनके साथ अच्छा था. वो कहते हैं- चाहे कोर्ट हो या जेल, सब मेरे साथ अच्छे से थे. सब अपने-अपने डिसिप्लेन में थे. हमें एक्टिंग आती थी तो वर्कशॉप करने लग गए थे. हमें थियेटर वर्कशॉप चलाने की परमिशन मिल गई थी. मुझे जेल से अच्छा कैरेक्टर सर्टिफिकेट मिला था. जेल के सुपरिटेंडेंट ने मेरी तारीफ कर कहा कि मैं इंस्पिरेशन हूं. लोगों को मुझसे सीखना चाहिए कि जीवन कितनी पॉजिटिविटी के साथ जीना चाहिए. राजपाल ने बताया था कि उनके पिता के नाम पर कोई सिंगल पुलिस रिपोर्ट नहीं थी.
राजपाल ने कहा- मैं छलिया हूं. चोर हूं. मैं जिस महफिल में खड़ा हो जाता हूं लोगों का दिल चुरा लेता हूं. ये आदत जीवन भर रहेगी. लेकिन इन हाथों से इस शरीर को अगर 5 करोड़ रुपये कमजोर कर दें, तो मुझे लगता है इस राजपाल को अंदर से बात करने की इच्छा होती है. एक दिन मैं पब्लिक के सामने असली किस्सा क्या है जरूर रखूंगा. अगर कोर्ट नहीं होता तो सच में इन लोगों ने चक्कर में डाल दिया था. थैंक्यू कोर्ट.
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