बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने पिछले दो दिनों में अपने 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस केस के बारे में काफी बातें कह डाली हैं. उन्होंने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मीडिया के सभी सवालों का जवाब दिया. इस बीच उन्होंने खुद को लेकर भी कई बड़े दावे किए.
राजपाल ने अब की कौनसी रिक्वेस्ट?
राजपाल ने कहा कि उनके पास आने वाले समय में कई ऐसे प्रोजेक्ट्स हैं, जिनकी लागत करोड़ों रुपयों में है. उनके पास करीब 1200 करोड़ रुपये का काम है. एक्टर ने अपने केस पर भी कहा कि जो पहले सिर्फ घर की बात थी, वो अब 'ईगो' की लड़ाई बन चुकी है. अब राजपाल ने न्यूज एजेंसी ANI से फिल्मों में की जाने वाली इनवेस्टमेंट को नियमित करने पर जोर दिया है. उनका कहना है कि इंडस्ट्री में एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जाए, जहां इनवेस्टमेंट का तरीका आसान हो और हर कोई उसी आसानी से फॉलो कर सके.
राजपाल यादव ने कहा, 'मैं पूरी फिल्म फेडरेशन से अनुरोध करता हूं कि वो फिल्म बनाने के लिए एक निवेश फंड बनाने पर राजी हो जाएं. उन्हें एक साधारण प्लेटफॉर्म बनाना चाहिए, जिसका पालन फॉरेन इनवेस्टर्स और एक्टर दोनों करें. अगर ऐसा हो गया तो सब बहुत आसान हो जाएगा. मैं 26 साल से काम कर रहा हूं, और कम से कम 200 एग्रीमेंट कर चुका हूं – 1 लाख से 1.5 लाख तक, फिर 15 लाख तक. अगर मैं एग्रीमेंट पर लड़ता-झगड़ता तो आज सिर्फ एक ही केस क्यों है मेरा, और बाकी किसी का नहीं?
'मैं बार-बार कह रहा हूं कि जिस मशीन से भी पूछो, वो पूछता है कि ये 5 करोड़ रुपये कहां से आए और कहां गए? मैं 1500 करोड़ का आदमी हूं... मैं कह रहा हूं कि इस फिल्म के पीछे जो भी है, मैं उसका समर्थन करने को तैयार हूं, लेकिन इस फिल्म के पीछे 5 करोड़ का इरादा गलत है. पैसे लेकर लोगों को फंसाना गलत है. माधव और मिथिलेश का इरादा सही नहीं था. इसलिए ये सिर्फ तीन लोगों की लड़ाई है. बाकी किसी को कुछ पता नहीं है.'
क्या था राजपाल के 5 करोड़ रुपये का पूरा मामला?
राजपाल ने साल 2010 में मुरली प्रोजेक्ट्स से 5 करोड़ रुपये लिए थे, जिसे वो इनवेस्टमेंट बताते हैं. मगर पैसे देने वालों का कहना है कि ये कर्ज था. राजपाल ने खुलासा किया कि फिल्म पूरी बन जाने के बाद, वो 5 करोड़ के बदले 8 करोड़ रुपये वापस देने वाले थे. मगर फिल्म सिर्फ 1 करोड़ ही कमा पाई, इसलिए उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ा.
राजपाल यादव ने ये पैसे साल 2012 में आई अपनी फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए उठाए थे. आगे जाकर वो इन पैसों का भुगतान नहीं कर पाए, और उनके 9 करोड़ का चेक बाउंस होने के कारण वो जेल गए. राजपाल ने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था, जिसके बाद वो 17 फरवरी के दिन 1.5 करोड़ की बेल पर बाहर आए. अब उनके केस की अगली सुनवाई 18 मार्च को होनी है.
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