धूप में बैठे-दर्द में की शूटिंग, अमिताभ बच्चन की आदतें देख हैरान रह गए थे निरहुआ

अमिताभ बच्चन ने भोजपुरी फिल्म 'गंगा देवी' में काम किया था, जिसमें निरहुआ भी शामिल थे. हाल ही में एक्टर ने सदी के महानायक संग पहली बार काम करने का एक्सपीरियंस साझा किया. साथ ही एक घटना का भी जिक्र किया, जिसने उन्हें एक्टर का मुरीद बनाया.

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अमिताभ संग निरहुआ की फिल्म (Photo: Instagram @dineshlalyadav/amitabhbachchan) अमिताभ संग निरहुआ की फिल्म (Photo: Instagram @dineshlalyadav/amitabhbachchan)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:30 PM IST

अमिताभ बच्चन को 'सदी का महानायक' कहा जाता है. लोग उनकी एक झलक पाने के लिए बेताब रहते हैं. वो जिस फिल्म से जुड़ते हैं, उसमें चार चांद लग जाते हैं. अमिताभ ने अपने करियर में कई फिल्में की, जिसमें रीजनल सिनेमा भी शामिल है. उन्हें भोजपुरी फिल्म 'गंगा देवी' में भी पत्नी जया बच्चन संग देखा गया, जिसमें भोजपुरी के सितारे दिनेश लाल यादव यानी निरहुआ भी थे. 

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जब अमिताभ संग काम का मिला मौका

फिल्म गंगा देवी अमिताभ की इकलौती भोजपुरी फिल्म है, जो साल 2012 में आई थी. इस फिल्म से निरहुआ भी पहली बार इतने बड़े एक्टर के साथ काम किया. अपने हालिया इंटरव्यू में निरहुआ ने अमिताभ के साथ काम करने का एक्सपीरियंस भी साझा किया. निरहुआ ने Digital Commentary से कहा, 'उनके साथ काम करना बहुत अद्भुत एक्सपीरियंस था. छोटी भोजपुरी फिल्म में उन्होंने काम किया, अपना किरदार निभाया. लेकिन वो जबतक सही से शॉट नहीं देते थे, तबतक संतुष्ट नहीं होते थे. कई बार अपनी लाइन्स पढ़ते थे, खूब रिहर्सल करते थे. वो देखकर हमको लगा कि ये इनकी मेहनत है कि आज ये उस मुकाम पर हैं. उन्हें कोई नया से नया हीरो आकर हिला नहीं सकता है.'

'हमें उनसे बहुत सारी चीजें सीखने मिली. पहले दिन तो एक मजेदार किस्सा हुआ. हम वैनिटी से तैयार होकर निकले, हमारे साथ के लोगों ने छाता हमारे आसपास लगाया ताकि धूप ना आ सके. हम दो-चार कदम चले, तो देखा कि अमित जी धूप में बैठे हैं. हमने अपने लोगों से कहा कि ये छाता लेकर भागो और दिखने मत देना. सेट पर छाता नहीं दिखना चाहिए. उधर अभिनय के भगवान बैठे हैं बिना छाते के, तुम ये सब छिपा दो. जब वो एक बार सेट पर आ जाते थे, तो वैनिटी में नहीं जाते थे.'

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दर्द में भी अमिताभ बच्चन ने जारी रखी शूटिंग

निरहुआ ने आगे अमिताभ के डिसिप्लिन को लेकर भी कहा. उन्होंने बताया कि लोग सेट पर अमिताभ के साथ घड़ी से घड़ी मिलाते थे. वो हमेशा वक्त पर आते थे. उनके इस डिसिप्लिन ने निरहुआ की सोच बदली, जिससे उन्हें काफी कुछ सीखने मिला. दिनेश लाल यादव ने इसी दौरान उन्होंने वो किस्सा सुनाया जब अमिताभ दर्द में होने के बावजूद, सेट पर शूटिंग के लिए आए. 

निरहुआ ने कहा, 'मुझे वो दिन नहीं भूलता है जब अमित जी को अस्पताल जाना था, उनका ऑपरेशन होना था. जो उनके पेट पर चोट लगी थी, उससे कभी-कभी बहुत दर्द उनको होता रहता है जिसका ट्रीटमेंट वो कराते हैं. उस दिन उन्हें बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था. वो शूट का आखिरी दिन था, लेकिन वो आए. हमें मालूम हुआ कि वो इसलिए आए ताकि फिल्म पूरी हो सके और वो तभी अपना ऑपरेशन कराएंगे.'

'शॉट कट होने के बाद हम दूर से देखते थे कि वो अपने पेट को जोर-जोर से मार रहे हैं, ताकि दर्द सहन हो सके. मगर उन्होंने ये सोचा कि ये जो प्रोड्यूसर की फिल्म बन रही है, उसे पूरा किया जाए. जो व्यक्ति प्रोड्यूसर के बारे में इतना सोचेगा, अपने काम के प्रति इतना ईमानदार होगा, वही अमिताभ बच्चन बन पाएगा.'

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