तलाक-नशे ने बर्बाद की जिंदगी, दर्द में थीं मीना कुमारी, नरगिस ने कहा था- 'मौत मुबारक, फिर कभी मत आना'

मीना कुमारी की जिंदगी में कई दुखद पहलू थे, खासकर कमाल अमरोही से तलाक के बाद उनका दर्द और बढ़ गया था. उनकी करीबी दोस्त नरगिस ने एक खत में मीना को 'मौत मुबारक' कहा था. क्यों नरगिस ने ऐसा कहा, जानते हैं इसकी वजह.

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नरगिस की करीबी थीं मीना कुमारी (Photo: Screengrab) नरगिस की करीबी थीं मीना कुमारी (Photo: Screengrab)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 19 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:10 PM IST

ट्रैजिडी क्वीन मीना कुमारी की जिंदगी पर्दे पर जितनी रंगीन दिखती थी. रियल में उनकी लाइफ में बहुत अंधेरा था. मौत से पहले मीना कुमारी ने बुरे दिन देखे थे. फिल्म डायरेक्टर कमाल अमरोही से तलाक के बाद वो दर्द में डूबी रहती थीं. उन्होंने इस दुख से उबरने के लिए शराब का सहारा लिया. उन्हें लिवर सिरोसिस हो गया. 31 मार्च 1972 को मीना कुमारी चल बसीं, जहां हर ओर उनकी मौत पर मातम पसरा था. वहीं नरगिस दत्त ने कहा था- 'मौत मुबारक हो, मीना कुमारी.'

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मौत से पहले दर्द में थीं मीना कुमारी
आखिर अपनी सबसे करीबी और अच्छी दोस्त के निधन पर नरगिस ने ऐसा क्यों लिखा? चलिए बताते हैं इसकी वजह. इस सवाल का जवाब नरगिस ने 'ये उन दिनों की बात है- उर्दू मेमोरीज ऑफ सिनेमा लीजेंड्स' किताब में दिया था. किताब में दर्ज एक लेटर में नरगिस ने लिखा था- तुम्हारी बाजी (बहन) तुम्हें मौत मुबारकबाद दे रही है. मीना, मैं तुम्हें मौत की बधाई दे रही हूं. इस दुनिया में कभी मत आना. नरगिस ने उस खत में बताया था कैसे मीना को बुरी तरह पीटा जाता था. तब नरगिस और मीना पड़ोसन थीं. उनके मुताबिक, मीना के कमरे से हमेशा चीखने-चिल्लाने की आवाज आती थी. 

इसका जिक्र करते हुए नरगिस ने लेटर में लिखा था- "एक रात मैंने मीना को गार्डन में हांफते हुए देखा था. उनकी ऐसी हालत देखकर मैंने पूछा, आप आराम क्यों नहीं करतीं, थकी हुई लग रही हैं. उन्होंने कहा था- बाजी, मेरी किस्मत में आराम नहीं है. मैं बस एक बार ही आराम करूंगी. उसी रात मुझे मीना के कमरे से मारपीट की आवाज सुनने को मिली थी. अगले दिन मैंने उनकी आंखें सूजी हुई देखी थीं. मीना की ऐसा हालत देखकर मैंने कमाल अमरोही के सेक्रेटरी बकार से पूछा था- क्यों वे लोग मीना कुमारी को मारना चाहते हैं? मीना ने सबके लिए इतना कुछ किया है. कब तक उन्हें ये सब सहना होगा. जवाब में सेक्रेटरी ने कहा- जब सही वक्त आएगा, हम मीना को आराम करने देंगे.

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वहीं ANI संग पॉडकास्ट में फौजिया दास्तानगो ने नरगिस के लेटर का मतलब बताते हुए कहा था- नरगिस ने अपने खत में मीना को मौत मुबारक कहा था क्योंकि उन्हें लगता था मीना इतना दुख झेल रही थीं. इतना कुछ उन्होंने सहा. सब कुछ नरगिस ने अपने खत में लिखा था. वो खत पब्लिक प्लेटफॉर्म पर है. लोग उस खत को पढ़कर रोते हैं. जिंदगी की इन्हीं दुख तकलीफों के बाद मीना ने 38 साल की उम्र में दुनिया छोड़ दी थी. 

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