किराने की दुकान से मुंबई तक, आमिर खान के हीरो ने कैसे तय किया मुंबई का सफर?

आमिर खान की फिल्म में अहम रोल निभाकर आशीष पेंडसे ने साबित कर दिया कि दिल में जुनून और विश्वास हो, तो इंसान कुछ भी कर सकता है. खंडवा के रहने वाले आशीष पेंडसे डाउन सिंड्रोम से ग्रसित हैं. पर उन्होंने अपनी बीमारी को कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 जून 2025,
  • अपडेटेड 7:00 AM IST

आमिर खान की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'सितारे जमीन पर' 20 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों के अच्छे रिव्यू मिल रहे हैं. आमिर की फिल्म में सुनील का किरदार निभाने वाले आशीष पेंडसे की भी काफी तारीफ हो रही है. आपने फिल्म देखी है या नहीं, वो पता नहीं. पर हां 'सितारे जमीन पर' के इस हीरो की कहानी आपका दिल छू लेगी. 

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कौन हैं आशीष पेंडसे?
आमिर खान की फिल्म में अहम रोल निभाकर आशीष पेंडसे ने साबित कर दिया कि दिल में जुनून और विश्वास हो, तो इंसान कुछ भी कर सकता है. खंडवा के रहने वाले आशीष डाउन सिंड्रोम से पीड़ित हैं. पर उन्होंने अपनी बीमारी को कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया. आशीष 37 साल के हैं और वो आज जहां भी है, उस मुकाम तक पहुंचने में उनके पिता का अहम रोल रहा है. 

आशीष के पिता SBI में काम करते थे, लेकिन उन्होंने बेटे के लिए समय से पहले रिटायरमेंट लेने का फैसला किया. रिटायरमेंट के बाद उन्होंने अपनी लाइफ बेटे को सौंप  दी. इस दौरान उनकी मां सिंधू भी हमेशा उनके साथ रहीं. आशीष के भाई पुणे में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम करते हैं. आशीष की फैमिली में कभी किसी ने उन्हें स्पेशल चाइल्ड जैसे शब्द से नहीं बुलाया. परिवार ने उन्हें हमेशा यही एहसास दिलाया कि वो हर काम करने में सक्षम हैं. 

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पिता के कहने पर आशीष किराने की दुकान पर पैकिंग का काम करने लगे. पिता का कहना था कि इससे उनके हाथों की एक्सरसाइज होती रहेगी. साथ ही उन्हें अपने ऊपर कॉन्फिडेंस भी आएगा. आशीष सोशल मीडिया पर भी एक्टिव हैं. इंस्टाग्राम पर उनके 296 फॉलोअर्स हैं. 'सितारे जमीन पर' के बाद उनके चाहने वालों की लिस्ट लंबी होने वाली है. 

कैसे मिला फिल्म में रोल?
आशीष ने बताया कि एक दिन उन्हें मुंबई से ऑडिशन के लिए कॉल आया और यहां से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया. ऑडिशन के दौरान उनसे कुछ सुनाने के लिए कहा गया था. जिंदगी के अहम दिन पर उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की  कविता सुनाई. कविता सुनाते हुए उनकी आवाज में विश्वास, आंखों में कई सपने दिखे. आमिर खान और डायरेक्टर आर. एस को आशीष का यही अंदाज भा गया है. इसके बाद उन्हें फिल्म में लेने का फैसला किया गया.  

फिल्म में डाउन सिंड्रोम पीड़ित कलाकारों के साथ किस तरह का व्यवहार करना है, इसके लिए आमिर खान से लेकर क्रू मेंबर तक को खास ट्रेनिंग दी गई थी. 

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