मनोज बाजपेयी की अपकमिंग फिल्म 'घूसखोर पंडत' की मंगलवार को अनाउंसमेंट हुई. ये मूवी नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी. इसमें मनोज पुलिस ऑफिसर के रोल में दिखेंगे, जो भ्रष्ट है. मनोज के कैरेक्टर से रिलेट करते हुए फिल्म का टाइटल 'घूसखोर पंडत' रखा गया है. इस टाइटल पर अब विवाद भी होने लगा है.
मनोज बाजपेयी की फिल्म पर विवाद
फिल्म के प्लॉट नहीं, बल्कि इसके टाइटल में लिखा 'पंडत' शब्द लोगों के आक्रोश का कारण बन गया है. सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है ये फिल्म जातिवाद फैलाती है. पंडत शब्द का इस्तेमाल होना एक खास वर्ग 'पंडितों' को टारगेट करता है. लोगों की शर्त है या तो इस टाइटल को चेंज किया जाए वरना ये फिल्म बायकॉट होगी. मंगलवार को जैसे ही फिल्म का टीजर रिलीज हुआ, इसे लेकर क्रिटिसिज्म दिखने लगा. नेटफ्लिक्स के खिलाफ एक्शन लेने की भी डिमांड की गई है. एक यूजर ने लिखा- पंडितों और ब्राह्मणों के खिलाफ नफरत को नॉर्मलाइज करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मैं नेटफ्लिक्स को कोर्ट में देखूंगा.
दूसरे शख्स ने लिखा- ये फिल्म आपत्तिजनक है. क्या नेटफ्लिक्स किसी फिल्म का नाम घूसखोर दलित या घूसखोर मुस्लिम लिख सकता है? इसे तुरंत बदलना चाहिए. एक यूजर ने कहा- मैं ब्राह्मण नहीं हूं, लेकिन तब भी कहूंगा कि ब्राह्मणों के खिलाफ नफरत फैलाई जा रही है. अगर घूसखोर किसी दलित और मुस्लिम के आगे लिखा होता, तब भी ऐसा रिएक्शन होता? शख्स का कहना है- ये शर्मनाक है, एक ऐसी कम्यूनिटी को पिक करना जो विनम्र रहती है, इसे बदलो या हम बैन करेंगे. लोगों का मानना है फिल्म का टाइटल खास उद्देश्य से ऐसा रखा गया है. लगता है मेकर्स इस पर विवाद ही चाहते थे. इस क्रिटिसिज्म को लेकर फिलहाल नेटफ्लिक्स की तरफ से कोई रिस्पॉन्स नहीं आया है.
बात करें फिल्म की तो, इसमें मनोज बाजपेयी, अजय दीक्षित का रोल प्ले रहे हैं. वो एक ऐसा पुलिस अफसर है जो करप्ट है. वो जल्दी पैसे कमाने की चाहत में ऐसा फंसता है कि बड़ी साजिश का शिकार हो जाता है. जिंदगी उसे करप्शन के ट्रैक से निकलकर एक बार और बदलने के मौका देती है. लेकिन वो कौन सा रास्ता चुनेगा, फिल्म में इसका खुलासा होगा.
मूवी को रितेश शाह ने डायरेक्ट किया है. इसे नीरज पांडे ने लिखा है. मूवी में नुशरत भरुचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेराय, कीकू शारदा, श्रद्धा दास अहम रोल में दिखेंगे. इसकी रिलीज डेट अभी अनाउंस नहीं हुई है.
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