मायानगरी की चकाचौंध भरी दुनिया में कब क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता. जो कभी अधमरी हालत में मुंबई की बारिश में बह रहा था, वो आज इस शोबिज का हिस्सा है. हम बात कर रहे हैं- कॉमेडियन एक्टर गुड्डू सिंह की. गुड्डू ने न सिर्फ टीवी, बॉलीवुड बल्कि हॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया है. हालांकि इसका पूरा श्रेय वो मशहूर फिल्म मेकर महेश भट्ट और उनकी बेटी पूजा भट्ट को देते हैं. उन्हीं की बदौलत गुड्डू को ये मौका मिला.
महेश भट्ट ने दिखाई राह
गुड्डू बताते हैं कि वो बिहार से वो कभी ये सपना लेकर निकले ही नहीं थे कि वो मुंबई आकर एक्टर बनेंगे. वो तो बस काम पाने की लालसा में निकले थे, सोचा था कि शहर जाकर कुछ काम करेंगे, टैक्सी चलाएंगे और परिवार का पेट पालेंगे. लेकिन किस्मत ने ऐसी पलटी मारी कि वो सीधा छोटे और बड़े पर्दे का चेहरा बन गए.
गुड्डू के संघर्ष की कहानी किसी फिल्म की स्टोरी से कम नहीं है. न्यूज वॉच इंडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि वो रंगीला बाबा, गजनवी, द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल फिल्म समेत आहट, भूत जैसे कई शोज कर चुके हैं. ये सब संभव न हो पाता अगर महेश-पूजा भट्ट उनकी जान न बचाते.
गुड्डू सिंह बोले- मैं मुंबई में कोई सपना लेकर नहीं आया था. मैं जिनके यहां काम करता था, उनकी गाड़ी चलाना-धोना, पूरी रख-रखाव करना, मेरा काम था. उनके घर में मैं खाना भी बनाता था, उन्हीं लोगों ने मुझे एक्टर बना दिया. मैंने आहट, भूत आया जैसे कई शोज पहले किए थे. मैं आंखों से डराता था यही लोगों को पसंद आया. अब मैं एक फिल्म कर रहा हूं- ऐ वतन.
दम तोड़ने वाले थे गुड्डू, भट्ट परिवार ने बचाया
महेश भट्ट से कैसे मुलाकात हुई के सवाल पर गुड्डू बताते हैं कि मैं पहले एयरपोर्ट पर गाड़ी धोने का काम करता था. बरसात का मौसम था, एक रोज बहुत बारिश हुई, मेरी हालत बहुत बिगड़ गई थी. मैं क्या बताऊं- मैं जैसे एक लावारिश बनकर बहने लग गया था. वो लोग आ रहे थे कहीं से उसी तरफ, मुझे देखा तो अपने साथ ले गए. मुझे अपने साथ रखा, खाना-पीना, कपड़ा सब दिया.
गुड्डू ने बताया महेश और पूजा भट्ट दोनों ने उन्हें अधमरी हालत में पाया था. घर ले जाने के बाद खूब ख्याल रखा और काम भी दिया. गुड्डू ने कहा कि- वो बोलते हैं ना जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान होता है. गुड्डू महेश भट्ट को अपना सब कुछ मानते हैं, उनसे जुड़ी कॉन्ट्रोवर्सीज पर कमेंट करने से बचते हुए वो कहते हैं- जितना उन्होंने मेरे लिए किया, उतना ही काफी है. बाकी उनकी जिंदगी है.उन्होंने मुझे एक राह दिखाई, वो मेरे लिए बहुत है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क