गोविंदा के सामने ट‍िकने की किसी में ह‍िम्मत नहीं, बोले गीतकार समीर, डाउनफॉल देखकर दुखी

बॉलीवुड के फेमस राइटर समीर अंजान ने एक्टर गोविंदा को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने उनके डाउनफॉल पर रिएक्शन दिया. इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया कि गोविंदा के लिए गाना लिखते वक्त उन्हें सोचना पड़ता था.

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गोविंदा पर बोले समीर अंजान (Photo: ITGD/@sameeranjaanofficial) गोविंदा पर बोले समीर अंजान (Photo: ITGD/@sameeranjaanofficial)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 22 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 6:20 PM IST

90 के दशक में अपनी राइटिंग से बॉलीवुड को दर्जनों सुपरहिट गाने देने वाले फेमस गीतकार समीर अंजान ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री और बदलते दौर पर खुलकर चर्चा की. इस बातचीत के दौरान उन्होंने सुपरस्टार गोविंदा के साथ अपने खास रिश्ते और उनके करियर के उतार-चढ़ाव पर कई ऐसी बातें कहीं.

अमर उजाला को दिए इंटरव्यू में समीर अंजान ने न केवल गोविंदा की एक्टिंग की तारीफ की, बल्कि उनके मौजूदा हालात पर अपना दर्द भी शेयर किया. इसके साथ ही उन्होंने शाहरुख और सलमान का भी जिक्र किया.

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गोविंदा पर बोले समीर अंजान
समीर अंजान का मानना है कि गोविंदा के रग-रग में उत्तर प्रदेश का वो देसीपन और रंग बसा हुआ है, जो किसी और एक्टर में मिलना नामुमकिन है. समीर कहते हैं कि 'यूपी वाला ठुमका' और 'सरकाइलो खटिया' जैसे गाने अगर वो सलमान खान या शाहरुख खान को देते, तो शायद वो बात कभी नहीं बन पाती. गोविंदा उस मिट्टी से जुड़े कलाकार हैं और जब वो कैमरे के सामने होते हैं, तो गाने को सिर्फ गाते नहीं बल्कि उसे पूरी तरह जीते हैं.'

समीर ने अपने काम करने के तरीके का खुलासा करते हुए बताया कि जब भी वो गोविंदा के लिए कोई गाना लिखते थे, तो उनके दिमाग में गोविंदा की बॉडी लैंग्वेज और उनके बात करने का तरीका घूमता रहता था.बाकी बड़े सितारों का अपना एक स्टाइल और दायरा है, जिसके लिए ज्यादा सोचना नहीं पड़ता. लेकिन गोविंदा के मामले में कहानी अलग थी; वो एक 'पैदाइशी एक्टर और डांसर' हैं. उनके हर मूवमेंट को ध्यान में रखकर ही शब्दों का चयन किया जाता था.

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गोविंदा के डाउनफॉल पर रिएक्शन 
गोविंदा के डाउनफॉल के बारे में बात करते हुए समीर अंजान काफी इमोशनल हुए. उन्होंने इसे 'वक्त का तकाजा' बताया और कहा कि इसमें न तो गोविंदा की गलती है और न ही किसी और की. उन्होंने कहा, 'गोविंदा आज भी अगर पर्दे पर उतर आएं, तो किसी की हिम्मत नहीं कि उनके सामने टिक सके. ये बस वक्त का खेल है कि फिलहाल चीजें उनके हक में नहीं हैं. कोई कुछ नहीं कर सकता. बहुत दुख होता है.'

समीर ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि गोविंदा उनके लिए किसी एक्टर से कहीं बढ़कर, घर के बच्चे की तरह रहे हैं. उन्होंने याद किया कि कैसे गोविंदा की पहली फिल्म शुरू करवाने में उनकी और संगीतकार आनंद-मिलिंद की अहम भूमिका थी. एक दौर ऐसा था जब हर शाम गोविंदा के परिवार और उनके मामा के साथ बीतती थी.
 

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