फिल्में सिर्फ स्क्रीन पर ही सपने नहीं बुनतीं, कई बार उधड़ती जिंदगियों को भी सपनों की तरह ऐसे बुन देती हैं कि आदमी दुनिया के लिए इंस्पिरेशन बन जाता है. ऐसी ही इंस्पिरेशन हैं एक्टर इंद्रन्स. मलयालम सिनेमा के लिविंग लेजेंड्स में से एक इंद्रन्स, को कुछ साल पहले नेशनल अवॉर्ड में स्पेशल मेंशन मिला था. लेकिन 40 साल से लंबे एक्टिंग करियर के पीछे इंद्रन्स के सफर की कहानी अब बहुत चर्चा में है. वजह ये है कि इंद्रन्स ने खुलासा किया है कि नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद उन्होंने बचपन का एक सपना पूरा करते हुए, 68 साल की उम्र में सातवीं क्लास का पेपर दिया.
गरीबी के चलते छोड़ दी थी पढ़ाई
16 मार्च 1956 को तिरुअनंतपुरम में जन्मे इंद्रन्स, पिछले महीने 70 साल के हो चुके हैं. 1981 में बतौर कॉस्ट्यूम डिजाइनर फिल्मों में आए इंद्रन्स ने धीरे-धीरे कॉमेडी से अपनी पहचान बनाई. लेकिन जब उन्हें कॉमेडी में टाइपकास्ट किया जाने लगा तो उन्होंने गंभीर किरदार भी निभाने शुरू किए और फिर अपनी शानदार एक्टिंग रेंज के लिए पॉपुलर हुए.
इसी दमदार एक्टिंग ने उन्हें फिल्म होम (2021) के लिए नेशनल अवॉर्ड में स्पेशल मेंशन दिलवाया. मगर अब रिपोर्टर लाइव के साथ एक बातचीत में इंद्रन्स ने बताया है कि उन्होंने एक्टिंग में तो करियर बना लिया, मगर उनका एक सपना अधूरा छूट गया था, जो उन्होंने नेशनल अवॉर्ड के बाद पूरा किया. इंद्रन्स ने बताया कि बचपन में गरीबी के चलते उनकी पढ़ाई चौथी क्लास में ही छूट गई थी.
पढ़ाई छोड़ संभाली सिलाई मशीन
इंद्रन्स ने बताया कि वो पढ़ाई में अच्छे थे और अपनी क्लास में आगे बिठाए जाते थे. लेकिन उनके पेरेंट्स के लिए सात बच्चों के लिए सबकुछ अरेंज कर पाना मुश्किल था. इंद्रन्स ने बताया, 'मैं चौथी क्लास में था तब यूनिफॉर्म की दिक्कत हो गई. उसके अगले साल भी हमारे पास किताबें और स्कूल ड्रेस एकसाथ खरीदने के पैसे नहीं थे. स्कूल ने यूनिफॉर्म अनिवार्य कर दी थी. इसलिए मुझे पढ़ाई छोड़नी पड़ी. घर पर हम सात बच्चे थे और मैं तीसरा था.'
पढ़ाई छोड़ने के बाद इंद्रन्स ने अपने एक अंकल के साथ टेलरिंग सीखनी शुरू की और फिर इसी काम में आगे बढ़े. आर्ट क्लब्स और नाटकों में काम करते हुए इंद्रन्स ने कॉस्ट्यूम बनाने में महारत हासिल की, जिसने आखिरकार उन्हें फिल्मों तक पहुंचाया. लेकिन इंद्रन्स के मन में पढ़ाई की टीस बनी रही.
इंद्रन्स को 2023 में नेशनल अवॉर्ड मिला और 2024 में उन्होंने पढ़ाई पूरी करने का फैसला किया. वो डायरेक्ट दसवीं की परीक्षा देना चाहते थे, लेकिन केरल के एजुकेशन सिस्टम में इसके लिए सातवीं पास करना अनिवार्य है. इसलिए इंद्रन्स ने केरला स्टेट लिटरेसी मिशन से सातवीं के समकक्ष परीक्षा दी. तब उनकी उम्र 68 साल थी.
इंद्रन्स को शिक्षा की कमी ने आगे बढ़ने से नहीं रोका, लेकिन शायद मजबूरी के चलते स्कूल छोड़ने की बात उनके मन में धंसी रही जिसे वो दूर करना चाहते थे. इंद्रन्स के फिल्म करियर की तरफ देखें तो उन्होंने 45 सालों में करीब 550 फिल्में की हैं और अभी भी वो बहुत व्यस्त रहते हैं. इंद्रन्स अब मलयालम फिल्म पैट्रीअट में नजर आएंगे जो 1 मई को रिलीज होगी.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क