इंडिया की पहली VJ रहीं रूबी भाटिया पिछले दिनों अचानक सुर्खियों में तब आईं, जब उन्होंने अपनी आर्थिक तंगी के बारे में खुलासा किया. उन्होंने बताया कि वो अब लाइमलाइट से दूर लाइफ कोच बन गई हैं और सिर्फ हजार रुपये कमाती हैं. इसी बीच रूबी की पर्सनल लाइफ से जुड़ी एक और बात सामने आई है.
शादी टूटने पर रूबी भाटिया का छलका दर्द
रूबी भाटिया ने बॉलीवुड ठिकाना से बातचीत के दौरान अपनी पहली शादी और मदरहुड पर भी बात की थी. उन्होंने बताया कि उनकी शादी 22 साल की उम्र में नितिन बाली से हुई थी, जिनकी उम्र तब 24 साल थी. लेकिन फिर उनकी शादी टूट गई, जिसे रूबी ने दर्दनाक बताया. आगे उन्होंने अपने दूसरे पति अजीत दत्ता से मुलाकात के बारे में भी बताया. दोनों उनके गुरूजी के आश्रम में मिले थे, तब उनकी उम्र भी एक जैसी थी.
रूबी ने अजीत से घंटों बातें करने के बाद, फाइनली दूसरी शादी रचाई. हालांकि उनके मुताबिक, शादी से ज्यादा मदरहुड उनके लिए सबसे मुश्किल रहा है. इतने सालों तक अकेले रहने के बाद, रूबी के लिए बच्चों को पालना आसान नहीं रहा. उन्होंने कहा, 'शादी तो ठीक-ठाक चल रही थी, लेकिन बच्चे होने के बाद सब कुछ पागलपन हो गया. पहले तो घर में पूरा सन्नाटा था, और अचानक सब कुछ हंगामा-हंगामा हो गया.'
'मेरे दो लड़के हुए. वो दिन-रात रोते रहते थे. उनका डायपर बदलना, मेरा वजन बढ़ना, फिर वजन घटाने के लिए भूखे रहना. फिर दूसरा बच्चा हुआ तो सब कुछ दोबारा वही सब शुरू हो गया. मैं सब कुछ सही तरीके से करना चाहती थी, लेकिन इस तरह की जिंदगी की आदत नहीं थी. मैं उस मुश्किल दौर से गुजरी, और अब बच्चे थोड़े बड़े हो गए हैं तो आखिरकार थोड़ी सांस ले पा रही हूं.'
क्या रूबी भाटिया को नहीं पसंद मां बनना?
रूबी से आगे पूछा गया कि क्या उन्होंने अपनी मदरहुड का फेज एन्जॉय किया था? तो उन्हें जवाब दिया, 'एन्जॉय? मां बनने में? क्या मुझे मां बनना अच्छा लगता है? पता नहीं. मुझे अपने बच्चे बहुत प्यारे हैं, वो कमाल के हैं, लेकिन उनकी मां बनकर रहना बहुत-बहुत मुश्किल काम है. मुझे वो सबसे अच्छे लगते हैं जब वो सो रहे होते हैं.'
'मुझे शांति, चुप्पी और आराम बहुत पसंद है. अब तो मैं हर वक्त चीखती-चिल्लाती रहती हूं, बस थोड़ी सी खामोशी मांगती हूं. मैं ये नहीं कहूंगी कि मुझे मां बनना बहुत अच्छा लगता है, लेकिन मेरे पास कोई चारा नहीं है, इसलिए मैं बस ध्यान देती हूं और करती जाती हूं. बच्चे पैदा होने के बाद मैंने फिर से एंकरिंग का काम करने की कोशिश की. लेकिन जब घर लौटती तो उनके चेहरे रो-रोकर सूजे हुए मिलते. वो मुझे बहुत मिस करते थे. तभी मैंने काम छोड़ दिया. मैं उन्हें नौकरानी के साथ अकेला नहीं छोड़ना चाहती थी.'
रूबी ने अपनी बात का अंत इस बात पर किया कि उन्हें तब खुशी होती है जब उनके बच्चे इतनी मेहनत के बाद, उन्हें प्यार देते हैं. उनका कहना है कि वो एक मां बनकर रह सकती हैं, मगर एक आंटी के रूप में वो बिल्कुल नहीं रह सकतीं. रूबी अब 51 साल की हो गई हैं, और वापस एंकरिंग का काम शुरू करने की राह पर हैं.
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