'घूसखोर पंडत' के टाइटल विवाद पर एक्शन में यूपी सरकार, नीरज पांडे ने तोड़ी चुप्पी, लिया ये फैसला

फिल्म 'घूसखोर पंडत' के टाइटल को लेकर विवाद जारी है. पंडित और ब्राह्मण समाज के लोग विरोध कर रहे हैं. फिल्ममेकर नीरज पांडे ने स्पष्ट किया है कि ये एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और किसी जाति या समुदाय का अपमान नहीं करता. उधर यूपी सरकार भी मूवी के खिलाफ सख्त हो गई है.

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मनोज बाजपेयी की 'घूसखोर पंडत' पर नहीं थम रहा विवाद (Photo: Netflix) मनोज बाजपेयी की 'घूसखोर पंडत' पर नहीं थम रहा विवाद (Photo: Netflix)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:02 AM IST

फिल्म 'घूसखोर पंडत' के टाइटल पर विवाद जारी है. मूवी रिलीज होने से पहले कानूनी पचड़े में फंसी. इस पर राजनीति भी हो रही है. कई जगहों पर फिल्म के टाइटल के विरोध में प्रदर्शन हो रहे हैं. पंडित और ब्राह्मण समाज के लोग सड़कों पर उतरे हैं. उनकी टाइटल को चेंज करने या फिल्म को बैन करने की मांग है.

नीरज पांडे ने किया रिएक्ट
मूवी को लेकर बने विरोध के माहौल को देखते हुए फिल्ममकरे नीरज पांडे ने चुप्पी तोड़ी है. नीरज ने घूसखोर पंडत की कहानी लिखी है. नीरज ने इंस्टा पोस्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा- हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है. इसमें इस्तेमाल किया गया पंडत शब्द महज एक काल्पनिक किरदार का बोलचाल वाला नाम है. ये कहानी एक व्यक्ति के काम और उसके फैसलों पर फोकस करती है. ये किसी जाति, धर्म या समुदाय पर ना ही कमेंट करती है और ना ही उसे रिप्रेजेंट करती है.

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''बतौर फिल्ममेकर, मैं अपने हर काम को बहुत जिम्मेदारी के साथ करता हूं. हम ऐसी स्टोरीज बताते हैं जो सोचने को मजबूर करें और सम्मानजनक हो. मैं पिछले कामों की तरह ये फिल्म भी पूरी ईमानदारी के साथ दर्शकों को एंटरटेन करने के मकसद से बनाई गई है.''

''हम जानते हैं कि फिल्म के टाइटल ने कुछ लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. हम उनके जज्बातों को सच्चे दिल से स्वीकार करते हैं. इन सभी चीजों को देखते हुए, हमने कुछ समय के लिए सभी प्रमोशनल चीजों को हटाने का फैसला किया है. क्योंकि हम मानते हैं कि फिल्म को पूरी तरह देखा जाना चाहिए और इसमें बताई गई कहानी का संदर्भ समझा जाना चाहिए, ना कि कुछ झलक देखकर इसे जज किया जाना चाहिए. मैं दर्शकों के साथ जल्द फिल्म शेयर करने का इंतजार कर रहा हूं.'' 

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यूपी सरकार ने लिया एक्शन
उधर, यूपी सरकार भी एक्शन में आ गई है. यूपी सरकार ने फिल्म पर भावनाओं को आहत करने के आरोप में FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं. हजरतगंज पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई है. डायरेक्टर रितेश शाह और उनकी टीम पर केस फाइल किया गया है. FIR में बताया गया है कि ये फिल्म सामाजिक सौहार्द को डिस्टर्ब करती है. दूसरी तरफ, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी अपनी कार्रवाई तेज की है. सूचना प्रसारण मंत्रालय को नोटिस भेजकर कहा कि ऐसे टाइटल समाज में एक समुदाय को टारगेट करते हैं, उन्हें लज्जित करते हैं. ऐसा भी दावा है कि नीरज ने इस टाइटल को बिना रजिस्टर कराए इस्तेमाल किया है. 

मूवी में मनोज बाजपेयी पुलिस इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के रोल में हैं. जो कि एक भ्रष्ट पुलिसवाला है. किस्मत उसे उसकी गलतियों को सुधारने का एक मौका देती है. मूवी में नुशरत भरुचा, साकिब सलीम, अक्षय ओबेराय, कीकू शारदा, श्रद्धा दास अहम रोल में दिखेंगे. फिल्म को नेटफ्लिक्स पर रिलीज किया जाएगा.

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