बॉलीवुड के 'सीरियल किसर' और 'लवर बॉय' के तौर पर पहचान बनाने वाले इमरान हाशमी ने पिछले कुछ सालों में अपनी इस इमेज को पूरी तरह बदल दिया है. एक समय था जब उनकी हर फिल्म में उनका एक खास अंदाज फिक्स माना जाता था, लेकिन आज वे अपनी वर्सटाइल एक्टिंग और गहरे किरदारों के लिए जाने जाते हैं.
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान इमरान ने अपने इस लंबे सफर, क्रिटिक्स के तानों और टाइपकास्ट होने के डर पर खुलकर बात की. उन्होंने साझा किया कि कैसे एक कलाकार के लिए अपनी पुरानी पहचान से बाहर निकलकर खुद को साबित करना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता.
टाइपकास्ट होने पर बोले इमरान
इमरान हाशमी का मानना है कि इमेज बदलना कोई रातों-रात होने वाला चमत्कार नहीं है, बल्कि यह एक लंबा सफर है. हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'जन्नत', 'वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई', 'शंघाई' और 'टाइगर 3' जैसी फिल्मों ने उनकी पुरानी छवि को तोड़ने में अहम भूमिका निभाई. सिर्फ एक फिल्म काफी नहीं होती, बल्कि लगातार अलग-अलग तरह के किरदारों को चुनना पड़ता है ताकि दुनिया आपको नए नजरिए से देख सके.'
जब क्रिटिक्स ने कहा 'वन-ट्रिक पोनी'
करियर के एक दौर में इमरान को क्रिटिक्स अक्सर 'वन-ट्रिक पोनी' (ऐसा कलाकार जिसके पास दिखाने के लिए सिर्फ एक ही हुनर हो) कहते थे. इस पर एक्टर ने कहा, 'मैं यह नहीं कहूंगा कि क्रिटिक्स गलत थे, उनकी अपनी राय थी. लेकिन मुझे अपने हुनर पर भरोसा था. जब मैंने दिबाकर बनर्जी जैसे डायरेक्टरों के साथ 'शंघाई' जैसी फिल्म की, तो वह उनका क्रिटिक्स को जवाब था. यह न केवल दूसरों को, बल्कि खुद को भी कुछ नया कर दिखाने की कोशिश थी.'
Gen Z और वायरल कंटेंट का जादू
हाल ही में इमरान हाशमी का एक कैमियो 'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' में वायरल हुआ. जिसने उन्हें नई पीढ़ी यानी Gen Z के बीच चर्चा में ला दिया. इमरान का कहना है कि 35-40 की उम्र के बाद खुद को प्रासंगिक बनाए रखना मुश्किल होता है, लेकिन इस तरह के डिजिटल पलों ने उन्हें उन युवाओं से जोड़ दिया, जिन्होंने शायद उनकी पुरानी फिल्में नहीं देखी थीं. आज के दौर में इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया के जरिए नई ऑडियंस एक कलाकार के बारे में और जानने के लिए उत्सुक हो जाती है.
वायरल होना खरीदा नहीं जा सकता
इंटरव्यू के दौरान इमरान ने वायरल कंटेंट और आजकल के दौर पर भी तंज कसा. उन्होंने कहा, 'आज इंस्टाग्राम पर कुछ भी खरीदा जा सकता है, लेकिन किसी चीज का 'अनमोल' होना और असल मायने में वायरल होना अलग बात है.' उन्होंने गाने हिट होने का उदाहरण देते हुए समझाया, 'एक होता है गाने को लगातार चलाकर हिट कराना और दूसरा होता है गाने का खुद-ब-खुद हिट हो जाना. असली सफलता वही है जिसे आपको प्रमोट न करना पड़े, बल्कि लोग उसे खुद पसंद करें.'
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