ए.आर. रहमान ने हाल ही में माना था कि पिछले आठ सालों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें ज्यादा काम नहीं मिला. लेकिन अब उन्होंने यह भी बताया कि पिछले छह साल उनके करियर के सबसे बिजी साल रहे हैं. रहमान ने कहा कि 2019 से 2025 के बीच उन्होंने करीब 20–30 फिल्मों में संगीत दिया. रहमान ने बताया कि इतना ज्यादा काम उन्होंने जानबूझकर किया, ताकि वह खुद को नई पीढ़ी के सामने फिर से साबित कर सकें.
खुद को साबित करने की होड़ में थे रहमान
रहमान ने कहा- पिछले छह सालों में, सच कहूं तो जब लोग मेरे पास आते हैं, तो 90 के दशक वाले लोग मेरी म्यूजिक को लेकर नॉस्टैल्जिया महसूस करते हैं. 2000 के दशक में पैदा हुए लोगों का भी ऐसा ही जुड़ाव है. लेकिन कई बार लोग यह भी कह देते हैं कि ‘सर, आपने 90 के दशक में रोजा जैसा शानदार म्यूजिक दिया था.’ इसका मतलब ये निकलता है कि शायद अब आप अच्छा काम नहीं कर रहे. अगर मूड सही न हो, तो ऐसी बातें आपके सोचने के तरीके को नुकसान पहुंचाती हैं.
THR से एआर रहमान ने आगे कहा- तो मैंने सोचा कि क्यों न लगातार काम किया जाए, एक के बाद एक फिल्में और गाने किए जाएं. अब जो भी डायरेक्टर मेरे पास आता है, वो हाल की फिल्मों का उदाहरण देता है, जैसे मणिरत्नम सर की ठग लाइफ. पिछले छह सालों में मैंने 20–30 फिल्में की हैं. अब मैं सुरक्षित महसूस करता हूं. अगली पीढ़ी के लिए मेरे पास काफी काम है. ये सब मैंने सोच-समझकर किया.
म्यूजिक में किया एक्सपेरिमेंट
पिछले छह सालों में ए.आर. रहमान ने हॉलीवुड की ब्लाइंडेड बाय द लाइट में काम किया. तमिल में सरवम थाला मयम, बिगिल, इराविन निजल, कोबरा, वेंधु थनिंधधु काडु, पोन्नियिन सेलवन पार्ट 1 और 2, पाथु थाला, मामन्नन, आयलान, लाल सलाम, रायन, कदलिक्का नेरामिल्लई और ठग लाइफ जैसी फिल्मों का संगीत दिया. हिंदी में शिकारा, 99 सॉन्ग्स, दिल बेचारा, मिमी, अतरंगी रे, हीरोपंती 2 और तेरे इश्क में शामिल हैं, जबकि मलयालम में उन्होंने मलयंकुंजू के लिए संगीत दिया.
रहमान ने कहा- ये मेरा नया रूप है, मॉडर्न रहमान. आपको खुद को बदलते रहना होता है और पुराने फॉर्मूले छोड़ने होते हैं. हम भी उम्र के साथ बदल रहे हैं, श्रोता भी बदल रहे हैं. जो म्यूजिक रेडियो या टीवी से आए, वो सबसे पहले मुझे पसंद आना चाहिए. मुझे ये नहीं सोचना चाहिए कि मैं अब भी वही पुराना स्टाइल कर रहा हूं.
उन्होंने आगे कहा- जो मैंने सीखा है, उसमें से कुछ चीजें रखता हूं और कुछ छोड़ देता हूं. आगे क्या नया है, उस पर कूद पड़ता हूं. अगर फेल भी हो गया, तो कोई बात नहीं.
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