तृष्णा सिंह प्रतीक बब्बर का लव इंट्रेस्ट प्ले कर रही हैं. तृष्णा अपने डेब्यू को लेकर खासी एक्साइटेड हैं. फिल्म में शूटिंग का एक्स्पीरियंस शेयर करते हुए वे हमसे एक्स्क्लूसिव बातचीत करती हैं. तृष्णा का इस फिल्म से जुड़ने के पीछे भी काफी दिलचस्प किस्सा है. मुंबई में पांच साल के स्ट्रगल के बाद जब तृष्णा हार मानकर अपने होमटाउन जयपुर वापस चली गई थीं, तब जाकर उनकी झोली में यह बिग बजट फिल्म गिरी है.
तृष्णा कहती हैं, मैं जयपुर में अपने घर पर थी. इस दौरान मुझे मुकेश छाबड़ा की टीम से कॉल आया. कोविड की वजह से अब तो वीडियो ऑडिशन का ट्रेंड चला है. मैंने अपना वीडियो बनाकर उन्हें भेजा, हालांकि मुझे उम्मीद नहीं थी. मैं इस दौरान चार बार ऑडिशन के प्रोसेस से गुजरी हूं. फिर दोबारा कॉल आया और कहा कि मैं सिलेक्ट हो गई हूं. जब ट्रेलर आया, तो खुद की एक झलक देखकर ही मैं खुश हो गई थी. मैं प्रतीक बब्बर की वाइफ बनी हूं. मेरे किरदार का नाम इंदू है. इसमें हमारी एक बेटी भी है.
अपना शूटिंग एक्स्पीरियंस शेयर करते हुए तृष्णा बताती हैं, मैं काफी डरी हुई थी. इतनी बड़ी स्टारकास्ट के सामने कैसे परफॉर्म कर पाऊंगी. हालांकि ये हिचक भी मेरी खत्म हो गई. ये बड़े स्टार्स आपको अच्छे से ट्रीट करते हैं. महसूस नहीं होने देते कि मेरा पहला दिन है. पूरा शूटिंग एक्स्पीरियंस बहुत ही बेहतरीन रहा है.
एक्टिंग का सपना छोड़ वापस जयपुर चली गई थी
अपनी जर्नी के बारे में तृष्णा बताती हैं, मैं लगभग पांच साल से मुंबई में हूं. मिस राजस्थान की फर्स्ट रनरअप रही हूं. एक्टिंग करियर में अपनी किस्मत आजमाने के लिए मैं जयपुर से यहां आई थी. मीडिल क्लास फैमिली से होने की वजह से हमें काफी सोच समझकर अपना खर्च चलाना होता था. इस दौरान मैंने कुछ ऐड्स वगैरह किए थे. यहां रोजाना ऑडिशन दिया करती थी. फोर्टफोलियो लेकर हर दिन प्रॉडक्शन हाउस जाती और वहां रिसेप्शन में अपना प्रोफाइल सबमिट किया करती थी. यहां मैंने कास्टिंग डायरेक्ट शानू मैम को एक-दो महीने के लिए असिस्ट भी किया था. बीच में कोरोना और लॉकडाउन आ गया. जो छोटे-मोटे काम किया करती थी, तो भी ऑप्शन बंद हो गए थे. लॉकडाउन में वहां फ्लैट का रेंट देना और बाकी चीजों को मैनेज कर पाना मुश्किल हो गया था. मैं तो हार मानकर वापस जयपुर आ गई थी. यहां आने के बाद मैं अपने लिए दूसरा जॉब ऑप्शन ढूंढने लगी थी. बीच-बीच में ऑडिशन भी दिया करती थी. जब पूरी तरह से यहां से एक्टिंग से खुद को डाइवर्ट कर लिया था, तो बच्चन पांडे का ऑफर आया और एक नेटफ्लिक्स के प्रोजेक्ट से जुड़ गई हूं. मतलब यहां किस्मत कब कैसे बदल जाए. ये कहा नहीं जा सकता है.
फ्रॉड लोगों से ठगी का शिकार भी हुई
जब आप इंडस्ट्री से बाहर होते हैं, तो लोग आपको ठगने भी आ जाते हैं. मैं कई बार ठगी भी गई. एक दो लोगों ने पैसे लेकर मुझसे प्रोजेक्ट का ऑफर किया था. मैंने भी सोचा शायद ऐसा ही होता होगा. मुझे एक आदमी ने कहा कि वो इंडस्ट्री में बड़े-बड़े ऐड्स करवाता है. मुझे सुपरस्टार संग ऐड का ऑफर दिया. उसने कहा कि इसके एवज में मुझे कुछ पैसे देने होंगे. मैंने भी अपनी सेविंग से उसे पैसे दे दिए थे. दो दिन बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया. तब जाकर अहसास हुआ कि मैं कितनी बेवकूफ थी. वहीं कुछ कास्टिंग के लोग काम का ऑफर देकर कास्टिंग काउच वाली बात डायरेक्ट कह देते थे. सोचा करती थी कि इंडस्ट्री इतनी खराब हो सकती है. हालांकि मैंने कभी समझौता नहीं किया. चूंकि अब बड़े प्रोडक्शन के साथ हूं, तो पता चला कि यहां नहीं बल्कि ये सब हरकतें नीचे लेवल पर होती हैं और भोली-भाली लड़कियों को ये लोग बेवकूफ बनाते हैं. बड़े बैनर्स या नामी कास्टिंग वाले ऐसा नहीं करते हैं.
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नेहा वर्मा