शोले का वो डायलॉग जिसे धर्मेंद्र ने खुद लिखा- आज भी हिट है मौसी जी...

शोले के फेमस डायलॉग मौसीजी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा था- 'शोले में 'मौसीजी' की लाइन उन्होंने खुद लिखी. शोले के सारे संवाद सलीम-जावेद ने नहीं लिखा था. मैं कॉमेडी एन्जॉय करता हूं. मैं कुछ भी बोल जाता था. मैं अपने संवाद खुद बनाता था. कॉमेडी नशा है.'

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धर्मेंद्र धर्मेंद्र

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 3:33 PM IST

एक्टर धर्मेंद्र ने इंडस्ट्री में एक से बढ़कर एक फिल्में दी हैं. उनकी अदाकारी फैंस के दिलों में बसी है. शोले से लेकर अपने तक धर्मेंद्र को हमेशा उनकी एक्टिंग के लिए तारीफ ही मिली. 8 दिसंबर को धर्मेंद्र अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं. वो 85 साल के हो गए हैं. धर्मेंद्र को फिल्म शोले के लिए जाना जाता है. इस फिल्म में अमिताभ संग उनकी जोड़ी सराही गई थी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमिताभ को फिल्म के लिए धर्मेंद्र ने रिकमंड किया था. वहीं फिल्म का मौसीजी वाला डायलॉग जो सुपरहिट हुआ वो उन्होंने खुद लिखा था.

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शोले के लिए अमिताभ का नाम धर्मेंद्र ने किया था रिकमंड

एजेंडा आजतक 2017 में धर्मेंद्र ने कहा था- हां, मैंने अमिताभ को शोले के लिए रिकमंड किया था, लेकिन मैं कभी इस बात का जिक्र नहीं करना चाहता था. अमिताभ ने ही यह बात कहना शुरू किया था. हालांकि यह बात उन्होंने तब कहना शुरू किया जब वो ऊंचाई के शिखर पर थे. उस समय यह सब कहने का क्या फायदा था, क्योंकि लोग समझते थे कि इतना बड़ा स्टार बनने के बाद भी इन्हें याद है कि धर्मेंद्र ने इन्हें रिकमंड किया था. उस समय भी पब्लिसिटी अमिताभ की ही हो रही थी. धर्मेंद्र किसी को कोई याद नहीं था.



 

वहीं शोले के फेमस डायलॉग मौसीजी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा था- 'शोले में 'मौसीजी' की लाइन उन्होंने खुद लिखी. शोले के सारे संवाद सलीम-जावेद ने नहीं लिखा था. मैं कॉमेडी एन्जॉय करता हूं. मैं कुछ भी बोल जाता था. मैं अपने संवाद खुद बनाता था. कॉमेडी नशा है.'

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फिल्म शोले की बात करें तो इस फिल्म को रमेश शिप्पी ने डायरेक्ट किया था. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन,धर्मेंद्र, अमजद खान हेमा मालिनी, संजीव कुमार जैसे सितारे थे. फिल्म सुपरहिट साबित हुई.
 
इसके अलावा धर्मेंद्र ने बताया था कि वो बॉलीवुड में पैसे कमाने नहीं आए थे. उन्होंने कहा, 'मैं लोगों के दिलों में जगह बनाना चाहता था. लोग मुझे अपना भाई दोस्त समझते हैं. इसे देखकर मुझे खुशी होती है. मैं आज भी अपनी मिट्टी को नहीं भूला हूं. अपने लोगों से उतनी ही मोहब्बत है.'  

 

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