आमिर खान बॉलीवुड के उन कुछ चुनिंदा एक्टर्स में से हैं, जो एक वक्त पर एक ही फिल्म बनाने में विश्वास रखते हैं. उन्होंने अपने 30 साल से ज्यादा के फिल्मी करियर में शायद ही कभी दो फिल्मों पर एक साथ काम किया हो. लेकिन अब अपनी जिंदगी के इस पड़ाव पर आकर उन्होंने इस चीज को बदलने का फैसला किया है.
आमिर खान हाल ही में कॉमेडियन कपिल शर्मा के साथ बातचीत करने बैठे. अपने प्रोडक्शन हाउस के यूट्यूब चैनल पर सुपरस्टार ने बेटे जुनैद खान की अगली फिल्म एक दिन पर बात की. इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें इस फिल्म को बनाने का ख्याल आया, जो कि एक कोरियन फिल्म का सीधा रीमेक भी है. साथ ही आमिर ने अपनी आने वाली फिल्मों पर बात की.
फैंस को तगड़ा सरप्राइज देंगे आमिर खान
सुपरस्टार ने कहा कि उनकी दो प्रोडक्शन फिल्में एक दिन और लाहौर 1947 के बाद, वो बतौर एक्टर फोकस करने वाले हैं. आमिर ने खुलासा किया कि वो शायद अपने जीवन में पहली बार एक ही साथ तीन फिल्मों पर लगातार काम करेंगे. वो सितंबर से अपनी फिल्मों की शूटिंग शुरू करेंगे और एक फिल्म खत्म होने के बाद करीब 1-2 महीने का गैप लेंगे, फिर नई फिल्म की शुरुआत करेंगे. आमिर ने ये भी कहा कि वो जिंदगी में पहली बार ऑडियंस की बात सुनकर ये कदम उठा रहे हैं.
सुपरस्टार ने कुछ ही वक्त पहले 3 इडियट्स के सीक्वल को कंफर्म किया है. उनका कहना था कि इसकी कहानी पहली फिल्म से 10 साल आगे की होगी, जिसकी स्क्रिप्टिंग पर फिलहाल काम जारी है. वहीं आमिर के दूसरे प्रोजेक्ट्स को लेकर भी कई सारी अफवाहें उड़ रही हैं. खबर है कि वो शार्क टैंक से पॉपुलर हुए एंटरप्रेन्योर अशनीर ग्रोवर की बायोपिक पर काम करेंगे जिसमें श्रद्धा कपूर उनके साथ नजर आएंगी. इसे श्रद्धा के रूमर्ड बॉयफ्रेंड राहुल मोदी डायरेक्ट करेंगे.
फिल्में प्रोड्यूस करने पर आमिर की सोच
इस बातचीत के अलावा आमिर स्टैंडअप कॉमेडियन जाकिर खान से भी बात करने बैठे थे. वहां उन्होंने अपनी पहली फिल्म लगान प्रोड्यूस करने के ख्याल पर बात की. आमिर ने कहा कि उन्होंने लगान पैसों के लिए नहीं, बल्कि कहानी पर भरोसा रखकर बनाई थी. वो मानते हैं कि इंडस्ट्री में लक्ष्मी की नहीं, सरस्वती माता की पूजा होनी चाहिए तभी सफलता मिलती है.
आमिर ने कहा, 'मेरा मानना है कि जब हम सिनेमा में काम करते हैं, तो पूजा करनी है सरसवती की, लक्ष्मी की नहीं. जब आप बिजनेस में होते हैं, तो लक्ष्मी जरूरी बन जाती है. लेकिन इस क्रिएटिव इंडस्ट्री में अगर आप लक्ष्मी के बारे में सोचेंगे, तो मेरा मानना है कि आप गलत हो जाएंगे. आप सरसवती की पूजा कीजिए, उस लगन और साधना से फिल्म बनाइए, उसके साथ-साथ लक्ष्मी खुद आ जाएंगी. मैंने लक्ष्मी के बारे में सोचकर लगान फिल्म नहीं बनाई. मेरे मन में प्रॉफिट नहीं था, मुझे उस कहानी में विश्वास था.'
यूजर्स को आमिर और जाकिर की बातें काफी पसंद आई हैं. एक ने लिखा है कि दो मुसलमान बैठकर लक्ष्मी और सरसवती की बातें कर रहे हैं. मैं इस इंडिया में बड़ा हुआ हूं. वहीं दूसरे ने लिखा कि उन्हें डर है कहीं अपने शब्दों को लेकर वो नफरत ना झेल पाएं. मगर दो मुसलमान फिल्मों के बारे में बातें कर रहे हैं, वो भी मां लक्ष्मी और मां सरसवती के संदर्भ में, ऐसा आजकल बहुत कम देखने मिलता है. वीडियो के अधिकतर कमेंट्स इन्हीं सारे कमेंट्स से भरे पड़े हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क