'आज तक' से बोलीं स्मृति ईरानी- प्रजापति को बचाने में जुटे हैं अखिलेश

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अंतिम और सातवें चरण की ओर अग्रसर है. ऐसे में सभी पार्टियों के नेता बनारस की ओर रुख कर रहे हैं. आज तक ने इस बीच भाजपा नेत्री व मंत्री स्मृति ईरानी से बातचीत की. पेश है बीजेपी की रणनीति पर उनसे खास बातचीत.

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स्मृति ईरानी स्मृति ईरानी

कुमार विक्रांत

  • वाराणसी,
  • 03 मार्च 2017,
  • अपडेटेड 5:49 PM IST

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अब अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है. पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में अंतिम चरण की वोटिंग है. ऐसे में बीजेपी समेत सभी दलों के नेता बनारस पहुंच चुके हैं. 'आज तक' संवाददाता ने इस बीच भाजपा नेत्री और मंत्री स्मृति ईरानी से उत्तर प्रदेश की राजनीति और चुनाव पर बातचीत की. पढ़ें कि उन्होंने सवालों के क्या जवाब दिए.

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सवाल- कांग्रेस का कहना है कि पीएम बनारस में बार-बार कार्यक्रम बदल रहे हैं. आखिरी मौके पर रोड शो कर रहे हैं. क्या वे राहुल अखिलेश से डरे हुए हैं?
जवाब- कम से कम राहुल जी से ज्यादा काम मोदी जी को तो रहता ही है. उनकी अपनी विशेष कार्यशैली है और टाइम टेबल के हिसाब से कार्यक्रम बनते हैं. उनको मोदी जी के कार्यक्रम से क्यों चिंता हो रही है. क्या वे हार से डर रहे हैं?

सवाल- अखिलेश का कहना है कि आप लोग नफरत की राजनीति कर रहे हैं. आपकी पार्टी के नेता बुर्के में वोट डालने की जांच, श्मशान और कब्रिस्तान की बातें कर रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि आपकी पार्टी ध्रुवीकरण करना चाहती है.
जवाब- चुनाव तो वे लोग पहले से ही हार रहे हैं. तभी अकेले लड़ने की हिम्मत नहीं हुई और गठबंधन करना पड़ा. गायत्री प्रजापति अखिलेश जी को मिल नहीं रहे. या तो अखिलेश की पुलिस निकम्मी है या जानबूझ कर अखिलेश उन्हें संरक्षण दे रहे हैं. राहुल गांधी ने खुद 27 साल यूपी बेहाल का नारा दिया था. राहुल कहते फिरते थे कि की वजह से विकास नहीं हो पाया. अब कांग्रेसी राहुल के बयान ही पढ़ लें. राहुल ने ही कहा था कि केंद्र से पैसा आता है पर अखिलेश के भ्रष्ट मंत्री विकास में नहीं लगाते. कैग की रिपोर्ट है कि अखिलेश के वक्त बढ़ा है. एफआईआर दर्ज करने में भी देरी होती है.

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सवाल- राहुल ने तो अनानास जूस की बात की थी. फिर मोदी जी और अमित शाह ने नारियल पानी की बात की. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पीएम झूठ बोलते हैं.
जवाब- कभी आम पर मेड इन यूपी पॉलिटिक्स. कभी जेब और उन्हें ही करना दीजिए. यह दुर्भाग्य है. इस बात को वे और उनके समर्थक भी समझ रहे हैं. हमारी पार्टी विकास की बात कर रही है और उसमें छोटी-मोटी बातों के लिए कोई जगह नहीं है.

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