साक्षी महाराज को संत न कहो बाकी संत बुरा मान जाएंगे: प्रमोद तिवारी

बीजेपी सांसद साक्षी महाराज के 'कब्रिस्तान बयान' पर प्रमोद तिवारी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, "चुनाव के दौरान यह सबसे शर्मनाक बयान है, एक घटिया बयान है.

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प्रमोद तिवारी प्रमोद तिवारी

मौसमी सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 28 फरवरी 2017,
  • अपडेटेड 7:20 PM IST

बीजेपी सांसद साक्षी महाराज के 'कब्रिस्तान बयान' पर प्रमोद तिवारी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, "चुनाव के दौरान यह सबसे शर्मनाक बयान है, एक घटिया बयान है. शायद उनको नहीं मालूम मुसलमान, ईसाइयों और पार्सियों के अलावा कई ऐसे संप्रदाय हैं कई साधु-संत हैं जिनको जमीन में समर्पित किया गया है. कई की समाधि भी बनाई जाती है. उनकी पूजा भी होती है. जयललिता की भी समाधि बनाई गई. धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए साक्षी महाराज ऐसे बोल रहे हैं."

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प्रमोद तिवारी ने अपनी बात जारी रखते हुए यह भी कहा कि सीधे तौर पर मैं इसके लिए जिम्मेदार नेताओं को मानता हूं. देश के प्रधानमंत्री धर्म की राजनीति कर रहे हैं. जब राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा के 3 बड़े सियासी दलों को कुख्यात आतंकवादी कसाब से तुलना कर रहे हैं. तो ऊपर से जब शुरुआत होगी तो नीचे इस तरह से तो बोलेंगे ही.

को लेकर प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह बात सुनियोजित ढंग से हुई. मगर साक्षी महाराज का यह दांव उल्टा पड़ गया. वह सिर्फ मुसलमानों और ईसाइयों को निशाना बना रहे थे पर बहुत सारे लोग हैं जिनकी समाधि बनती है. पहले यह जिंदा लोग को लगाते थे अब मुर्दा को लड़ा रहे.


प्रमोद तिवारी ने यह भी कहा कि साक्षी महाराज किस तरह के संत हैं. मैं इतिहास में जाउंगा तो बलात्कार का मुकदमा इनके ऊपर है. इसके अलावा कई आपराधिक मामले भी उनके ऊपर दर्ज हैं. यह संत, संत के नाम पर एक बहुत ही शर्मनाक व्यक्ति है.

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